ब्रेकिंग
रात में मोबाइल स्क्रीन से मेलाटोनिन पर बुरा असर: डॉक्टर से समझें सोने से पहले स्क्रीन टाइम घटाने का ... जालंधर लेक्चरर नेहा मर्डर केस: पति उमंग और गर्लफ्रेंड की 206 पन्नों की WhatsApp चैट लीक, खुला शादी औ... नेपाल में तिब्बत से आई विनाशकारी बाढ़: 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका, 105 भारतीय लापता; 12 हेल... आंध्र प्रदेश में दामाद ने प्रेमिका संग मिलकर की सास की हत्या: गहनों के लिए तकिए से दबाया मुंह, जेवर ... IMD Weather Update: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज... जयपुर डकैती का पर्दाफाश: 10 हजार KM पीछा कर यूपी-नेपाल बॉर्डर से 'नेपाली गैंग' के 3 गुर्गे गिरफ्तार धनबाद कोलियरी रिश्वतकांड: 1993 के ₹300 घूस मामले में हाईकोर्ट ने माना मानवीय आधार, जेल में बिताई अवध... MPSC पेपर लीक में फिल्मी ट्विस्ट: गर्लफ्रेंड को ड्रग इंस्पेक्टर बनाने के लिए लीक किया पेपर, 7वीं रैं... चीनी की महंगाई पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का अजीबोगरीब तर्क; बोले- '40 पार वाले खाना छोड़ दें, बढ़नी... दिल्ली के तिलक नगर में सनसनी: घर में घुसकर 21 वर्षीय मॉडल मुस्कान की चाकू से गोदकर हत्या, जिम ट्रेनर...

रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बिगड़ा रसोई का बजट

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): त्योहारों के मौसम के बीच आम जनता पर महंगाई की भारी मार पड़ रही है। रक्षाबंधन, ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम जैसे पर्वों के बीच रसोई में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों ने लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। बाजार में मिठाई की ऊंची कीमतें सुनकर खरीदारी करने पहुंची बहनें असमंजस में हैं कि सीमित बजट में कितनी मिठाई खरीदें। कभी 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज खुदरा बाजारों में 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है।

📊 चीनी ₹80 और प्याज ₹60 के पार: जून से अगस्त तक ऐसे बढ़े दाम

दामों में बढ़ोतरी का ब्योरा और बाजार की स्थिति:

  • प्याज के दामों में लगातार उछाल: व्यापारियों के अनुसार, जून में जो प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलो था, वह जुलाई में बढ़कर 40 रुपये हुआ और अगस्त के अंत तक गुणवत्ता के आधार पर 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

  • चीनी ₹80 प्रति किलो: चीनी के दामों में भी लगातार तेजी बनी हुई है और यह खुदरा बाजार में 70 से 80 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।

  • ग्राहकों की खरीदारी सीमित: बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहक अब प्याज और चीनी की खरीदारी पाव (250 ग्राम) या आधा किलो में ही कर रहे हैं।

🗣️ कारोबारियों का दर्द: बारिश से आपूर्ति प्रभावित, बफर स्टॉक का असर भी सीमित

व्यापारियों और दुकानदारों की आपत्तियां:

  • बिक्री में भारी गिरावट: सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने थोक मंडियों से माल तो मंगा लिया है, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण खुदरा खरीदार कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

  • खराब होने का जोखिम: बिक्री की रफ्तार धीमी होने से स्टॉक ज्यादा दिन तक रखने पर प्याज के सड़ने और खराब होने का नुकसान दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है।

  • मौसम की मार: थोक व्यापारियों के अनुसार, उत्पादक क्षेत्रों में बारिश के कारण परिवहन बाधित हुआ है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा जारी बफर स्टॉक सीमित राहत दे पा रहा है और यदि आवक में सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और तेजी आ सकती है।

🥔 आलू के भाव स्थिर, लहसुन और अदरक में तेजी बरकरार

अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की स्थिति:

  • आलू से थोड़ी राहत: बाजार में फिलहाल आलू की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे ग्राहकों को आंशिक राहत मिली है।

  • लहसुन और अदरक महंगे: लहसुन और अदरक की कीमतों में तेजी जारी है, जिसके चलते लोग दैनिक उपयोग में कटौती करने को मजबूर हैं।

  • खान-पान की आदतों में बदलाव: गृहिणियों का कहना है कि जहां बहुत जरूरी है वहीं प्याज का इस्तेमाल किया जा रहा है और कई परिवारों ने सलाद में प्याज का उपयोग अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

🏪 साप्ताहिक हाट-बाजारों में भी छाई मायूसी, छोटे दुकानदार बेहाल

ग्रामीण और कस्बाई बाजारों पर असर:

  • ग्रामीण बाजारों में असर: ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के साप्ताहिक हाट-बाजारों में भी प्याज और चीनी की मांग तो है, लेकिन खरीदारों की क्रय क्षमता प्रभावित हुई है।

  • ठेला विक्रेताओं की लाचारी: गली-मोहल्लों में घूमकर सब्जी बेचने वाले छोटे विक्रेताओं का कहना है कि थोक दरें अधिक होने के कारण मुनाफा कम हो गया है और ग्राहकों की संख्या भी घटी है।