तेंदुए के शिकार पर विवादित बयान: IFS उत्तम शर्मा बोले- ‘सतर्क रहें, हर जगह हैं दिमागी नक्सल’, PMO तक पहुंचा मामला
शिवपुरी (मध्य प्रदेश): माधव टाइगर रिजर्व और कूनो नेशनल पार्क के डायरेक्टर व वरिष्ठ आईएफएस (IFS) अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
तेंदुए के शिकार और तस्करी के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी ने वन्य जीव कार्यकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के संदर्भ में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान पर जाने-माने वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों का खुला उल्लंघन बताया है और मामले की लिखित शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में दर्ज कराई है।
⚖️ सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप, अजय दुबे ने PMO में दर्ज कराई शिकायत
वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु:
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आचरण नियमों की अनदेखी: अजय दुबे ने आरोप लगाया कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी द्वारा वन्य जीव संरक्षण में लगे संगठनों के लिए ऐसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है।
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विफलताओं को छिपाने का आरोप: अजय दुबे ने कहा कि कूनो में तेंदुए का शिकार रोकने में नाकाम रहने के बाद जनता और कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाने के लिए ऐसी आपत्तिजनक बयानबाजी की जा रही है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व का जिक्र: उन्होंने याद दिलाया कि जब यह अधिकारी पन्ना टाइगर रिजर्व में तैनात थे, तब एक रेडियो कॉलर वाले बाघ का शिकार हो गया था और वन विभाग को इसकी भनक एक महीने बाद लगी थी।
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मामलों को प्रभावित करने का आरोप: उन्होंने यह भी कहा कि आरटीआई का उल्लंघन करने के बाद अधिकारी अपने खिलाफ लंबित मामलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
📱 सोशल मीडिया पर क्या लिखा था डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने?
चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा द्वारा साझा की गई पोस्ट का विवरण:
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तेंदुए के शिकार का मामला: कूनो में तेंदुए के शिकार और खाल की तस्करी के मामले में एक एनजीओ की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद डायरेक्टर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर सतर्कता बरतने की अपील की थी।
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गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश: उन्होंने मैदानी वनकर्मियों को हिदायत दी थी कि खुद को एक्टिविस्ट बताने वाले बाहरी व्यक्तियों के साथ वन्यजीवों से जुड़ी गोपनीय जानकारी और सैटेलाइट ट्रैकिंग की सटीक लोकेशन किसी भी सूरत में साझा न की जाए।
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विवादित अंश: अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “हर कोई जो वन्य जीवों की मदद का दावा करता है, जरूरी नहीं कि वह जमीनी हकीकत समझता हो या उसके इरादे नेक हों। हर जगह दिमागी नक्सल वाले लोग मौजूद हैं और हमें इन्हीं से निपटना है, सतर्क रहें।”

