पानीपत (हरियाणा): जिले के नागरिक (सिविल) अस्पताल से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में सीटी स्कैन कराने आई 57 वर्षीय महिला मरीज के साथ सीटी स्कैन कक्ष के भीतर ऑपरेटर द्वारा कथित छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है।
घटना के तुरंत बाद मानसिक आघात और घबराहट के कारण महिला की तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे नाजुक हालत में रोहतक पीजीआई (PGI Rohtak) रेफर किया गया। वहां आईसीयू में उपचार के दौरान पीड़िता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
🏥 परिजनों को बाहर भेजकर अंदर ले गया था ऑपरेटर, बदहवास हालत में बाहर निकली महिला
मृतका के परिजनों (पिता पालु राम) ने पुलिस को दी गई शिकायत में घटनाक्रम का ब्योरा दिया:
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अस्पताल में दाखिला: महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सिविल अस्पताल पानीपत लेकर पहुंचे थे, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने गंभीर स्थिति को देखते हुए एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने का परामर्श दिया।
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कमरे से परिजनों को निकाला: परिजन जब सीटी स्कैन सेंटर पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मचारी ने परिजनों को बाहर रुकने को कहा और बीमार महिला को अकेले कक्ष के भीतर ले गया।
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छेड़छाड़ का खुलासा: सीटी स्कैन प्रक्रिया के बाद जब महिला बाहर आई तो वह बेहद डरी और बदहवास स्थिति में थी। उसने तुरंत परिजनों को आपबीती बताते हुए कहा कि कर्मचारी ने अंदर उसके साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ और अमर्यादित व्यवहार किया है।
💔 पहले से टीबी और हार्ट पेशेंट थी महिला, घटना के सदमे से बिगड़ी स्थिति
परिजनों और जांच अधिकारियों के अनुसार पीड़िता का स्वास्थ्य पहले से ही नाजुक दौर में था:
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गंभीर बीमारियां: 57 वर्षीय मृतका पहले से ही हृदय रोग (Heart Disease) और टीबी (TB) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी।
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अत्यधिक आघात: कथित घटना के बाद उपजे मानसिक तनाव, घबराहट और सदमे की वजह से उसकी शारीरिक स्थिति तेजी से गिरने लगी।
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पीजीआई में तोड़ा दम: स्थानीय चिकित्सकों ने स्थिति अनियंत्रित होते देख तुरंत रोहतक पीजीआई रेफर किया, जहां सघन चिकित्सा कक्ष (ICU) में इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली।
🚫 अस्पताल प्रशासन का एक्शन: ऑपरेटर टर्मिनेट, पीपीपी मोड कंपनी को कारण बताओ नोटिस
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों ने तुरंत कड़े कदम उठाए:
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सीएमओ का बयान: सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विजय मलिक ने स्पष्ट किया कि अस्पताल का सीटी स्कैन केंद्र पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड के तहत एक निजी आउटसोर्स एजेंसी द्वारा संचालित किया जाता है।
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कर्मचारी निष्कासित: घटना की जानकारी मिलते ही आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त (Terminate) कर दिया गया है।
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कंपनी को नोटिस व फुटेज: संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और केंद्र के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस को जांच हेतु सौंप दी गई है।
👮♂️ CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच शुरू कर दी है:
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केस दर्ज: सिटी थाना प्रभारी (SHO) देवेंद्र शर्मा ने बताया कि पीड़िता व परिजनों की शिकायत पर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है।
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साक्ष्यों का संकलन: पुलिस टीम सीटी स्कैन सेंटर की सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल हिस्ट्री और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है।
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पोस्टमार्टम का इंतजार: अधिकारियों का कहना है कि महिला की मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।