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सोलापुर के बबलाद गांव में कन्नड़ स्कूल की छत की परत गिरी: 13 बच्चे घायल, मलबे से सुरक्षित निकाले गए छात्र

सोलापुर (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के सोलापुर जिले अंतर्गत अक्कलकोट तालुका स्थित बबलाद गांव से एक चिंताजनक हादसा सामने आया है। यहाँ सोलापुर जिला परिषद के कन्नड़ माध्यम स्कूल के पोर्च का स्लैब अचानक गिर जाने से 13 छात्र घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना सोमवार दोपहर के समय घटित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल की इमारत लगभग 25 वर्ष पुरानी है। सोमवार की दोपहर जब छात्र परिसर में मौजूद थे, तभी स्लैब का एक बड़ा हिस्सा (परत) अचानक ढह गया, जिससे 13 विद्यार्थी इसकी चपेट में आ गए।

🚑 एंबुलेंस के साथ पहुंचे जिला परिषद अधिकारी, प्राथमिक उपचार के पश्चात सभी छात्रों को अस्पताल से मिली छुट्टी

घटना की सूचना प्राप्त होते ही प्रशासनिक तंत्र हरकत में आया और आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं के साथ जिला परिषद के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

सभी घायल छात्रों को अविलंब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार किया गया। गनीमत यह रही कि किसी भी छात्र को गंभीर चोट नहीं आई और सभी की स्थिति पूर्णतः स्थिर बताई जा रही है, जिसके उपरांत उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बबलाद गांव का यह कन्नड़ माध्यम प्राथमिक स्कूल पहली से सातवीं कक्षा तक संचालित होता है, जहाँ 250 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

😰 स्लैब की परत गिरते ही स्कूल परिसर में मची अफरा-तफरी, शिक्षकों और ग्रामीणों ने चलाया राहत कार्य

सोमवार दोपहर जैसे ही जर्जर छत का मलबा सीधे छात्रों के ऊपर गिरा, संपूर्ण स्कूल परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

मौके पर मौजूद शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बिना समय गंवाए मलबे के नीचे दबे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों और शिक्षकों की तत्परता से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार समय पर संभव हो सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

🏗️ जर्जर इमारत को गिराकर नई बिल्डिंग बनाने की मांग, पंचायत समिति सभापति ने उठाई आवाज

इस हादसे के उपरांत जिला परिषद स्कूलों के जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पंचायत समिति के सभापति सागर कल्याणशेट्टी ने स्थिति का जायजा लेते हुए मांग की है कि 25 साल पुरानी और खस्ताहाल हो चुकी इस इमारत को तत्काल ध्वस्त कर नया सुरक्षित भवन निर्मित किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर संपूर्ण राज्य में जिला परिषद के बदहाल स्कूलों और अध्ययनरत निर्दोष बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासनिक उपेक्षा को उजागर कर दिया है।

⚖️ समय पर मरम्मत न होने से अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद बबलाद गांव के ग्रामीणों और छात्रों के अभिभावकों में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।

अभिभावक यह तीखा सवाल पूछ रहे हैं कि क्यों समय रहते ऐसे जर्जर स्कूल भवनों का तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक जीर्णोद्धार नहीं कराया जाता? ग्रामीणों ने संबंधित लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों तथा निर्माण ठेकेदारों के विरुद्ध जांच बिठाकर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।