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दिल्ली सरकार पर CAG रिपोर्ट का बड़ा खुलासा: ₹2,030 करोड़ की अनियमितता, बिजली सब्सिडी और GST ई-वे बिल पर उठे सवाल

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में वित्तीय कार्यप्रणाली पर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की वर्ष 2026 की नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत की गई है।

इस रिपोर्ट में राजस्व, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों से संबंधित ऑडिट निष्कर्षों में कुल ₹2,030.16 करोड़ मौद्रिक मूल्य की गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-23 में दिल्ली सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां ₹62,703 करोड़ थीं, जो वर्ष 2018-19 में ₹43,112.60 करोड़ थीं। वर्ष 2023-24 में 22 सरकारी इकाइयों की सघन जांच में 145 मामलों के अंतर्गत ₹220.59 करोड़ की वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।

📊 स्टाम्प शुल्क में कम भुगतान और GST ई-वे बिल प्रणाली में ₹3,071 करोड़ का कर प्रभाव

सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क में ₹1.91 करोड़ के कम भुगतान का मामला प्रकाश में आया है।

रिपोर्ट में जीएसटी (GST) ई-वे बिल प्रणाली में कई गंभीर प्रणालीगत खामियों को उजागर किया गया है। इसमें खुलासा हुआ है कि 5 करदाताओं ने ₹33.89 करोड़ की आपूर्ति पर ₹4.68 करोड़ की कर देयता का भुगतान नहीं किया। इसके अतिरिक्त, 28 रद्द किए जा चुके पंजीकरण वाले करदाताओं ने ₹99.39 करोड़ के कर प्रभाव वाले 3,629 फर्जी ई-वे बिल जारी किए। 3 करदाताओं ने ₹9.70 करोड़ का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया। कुल मिलाकर, 70 करदाताओं के 344 मामलों में कमियां पाई गईं, जिनका कुल राजस्व प्रभाव ₹3,071.92 करोड़ आंका गया है।

⚡ शून्य बिजली खपत पर भी बंटी ₹17.81 करोड़ की सब्सिडी, ई-खरीद प्रणाली में भी गंभीर लापरवाही

सीएजी ने दिल्ली में बिजली सब्सिडी के आवंटन एवं प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बिजली सब्सिडी का कुल बजट ₹2,405.59 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2022-23 में ₹3,161 करोड़ तक पहुंच गया। सीएजी के ऑडिट के अनुसार, 50,000 से अधिक ऐसे उपभोक्ताओं को भी सब्सिडी का लाभ दिया गया जिनकी लंबे समय से बिजली खपत शून्य (Zero Consumption) दर्ज थी, जिस पर ₹17.81 करोड़ की राशि खर्च की गई। इसके अलावा, दिल्ली सरकार की ई-खरीद (e-Procurement) प्रणाली में सुरक्षा व सत्यापन नियंत्रण संबंधी कमियां सामने आईं तथा डीएसएसएसबी (DSSSB) द्वारा जूनियर इंजीनियर परीक्षा के आयोजन पर ₹1.05 करोड़ का निष्फल व्यय दर्ज किया गया।

🏛️ “विदेशी समाचार पत्रों में विज्ञापन छपवाने से सुशासन नहीं आता”: मंत्री आशीष सूद का तीखा प्रहार

दिल्ली विधानसभा में ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में सुशासन, पारदर्शिता और वास्तविक विकास को नई दिशा मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल आईआईटी (IIT) की डिग्री का प्रचार करने या वाशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे विदेशी समाचार पत्रों में प्रायोजित सामग्री प्रकाशित कराने से सुशासन स्थापित नहीं होता। सुशासन का वास्तविक आधार वित्तीय अनुशासन और धरातल पर दिखने वाला विकास है।

💡 8,748 MW की रिकॉर्ड बिजली मांग बिना कटौती के पूरी, निजी स्कूलों की फीस पर कानून

आशीष सूद ने आगे कहा कि वर्तमान रेखा गुप्ता सरकार के कार्यकाल में बिजली, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं।

उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि दिल्ली के इतिहास में सर्वाधिक 8,748 मेगावाट (MW) की रिकॉर्ड बिजली मांग को बिना किसी पावर कट के सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय कम मांग पर भी बिजली संकट का माहौल निर्मित किया जाता था। शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर प्रभावी कानून बनाया गया है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के पारदर्शी प्रवेश हेतु सुदृढ़ डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है।