ब्रेकिंग
Ashish Agarwal BJP: राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष अग्रवाल की नई पहल, ग्वालियर में 'नो होर्डिंग-बैनर' ... Katni News: कटनी जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल से महिला ने लगाई छलांग, हालत गंभीर Morena Crime News: थाने से 100 मीटर दूर बदमाशों का आतंक, FIR कराकर लौट रहे 3 लोगों पर जानलेवा हमला MP News: भोपाल मास्टर प्लान 2047 में मकान-दुकान होंगे साथ, CM मोहन यादव ने मांगे सुझाव, जानें बड़ी ब... Ganesh Visarjan Tragedy: महाराष्ट्र के पालम में विसर्जन के दौरान 2 युवक नदी में डूबे, रेस्क्यू ऑपरेश... Farmers Relief Maharashtra: फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, 75% राज्य सूखाग्रस्त, बिजली बिल और कर्ज में ... Hooghly News: श्रीरामपुर में TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला, ममता बनर्जी ने BJP को घेरा Rajasthan Politics: अयोध्या के बाद अब खाटूश्यामजी में भी हारी भाजपा, कांग्रेस ने दर्ज की रोमांचक जीत Kanpur Crime News: कर्ज और सट्टे में डूबे बेटे ने नौकर को दिए थे 6 लाख रुपये, पुलिस खुलासे में चौंका... Tauqeer Raza Bail Rejected: हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचि...

भोपाल जंगल सोना-कैश कांड: पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिली जमानत, 18 महीने बाद जेल से होंगे रिहा

भोपाल/जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के समीप जंगल में 52 किलोग्राम सोना और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद होने के चर्चित एवं हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है।

जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने पिछले 18 महीनों से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद सौरभ शर्मा की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत राशि पर रिहा करने के आधिकारिक आदेश दिए हैं, जिसके उपरांत आज उनकी जेल से रिहाई होगी।

⚖️ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच पूरी और चार्जशीट दाखिल होने को हाईकोर्ट ने माना आधार

जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मामले की संपूर्ण जांच प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है और सक्षम अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है।

ट्रायल कोर्ट द्वारा मामले में विधिवत आरोप (Charges) तय किए जा चुके हैं और प्रकरण अब साक्ष्य व सुनवाई के चरण में प्रवेश कर चुका है। अदालत ने टिप्पणी की कि जिस कथित अपराध में सौरभ शर्मा आरोपी हैं, उसमें कानूनन अधिकतम 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है, जबकि वे पहले ही लगभग 18 महीने (डेढ़ वर्ष) का समय न्यायिक हिरासत में जेल में व्यतीत कर चुके हैं।

📜 देश छोड़ने पर प्रतिबंध व नियमित उपस्थिति: हाईकोर्ट ने जमानत के साथ लगाईं कड़ी शर्तें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत प्रदान करते हुए कई कड़े दिशा-निर्देश और शर्तें भी लागू की हैं।

अदालत के आदेशानुसार, सौरभ शर्मा बिना ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति के देश से बाहर यात्रा नहीं कर सकेंगे, वे मामले से जुड़े किसी भी गवाह या साक्ष्य को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे, और निचली अदालत में चलने वाली प्रत्येक सुनवाई पर नियमित रूप से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। उच्च न्यायालय ने माना कि निकट भविष्य में मुकदमे का विचारण (Trial) पूर्ण होने की संभावना न्यून है, अतएव केवल लंबी कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में निरुद्ध रखना न्यायसंगत नहीं होगा।

📌 मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सौरभ शर्मा को जमानत देने के बताए 4 प्रमुख आधार

सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व आरक्षक को राहत देने के पीछे 4 मुख्य विधिक आधार रेखांकित किए:

  • जांच एवं चार्जशीट: ईडी (ED) की संपूर्ण जांच पूरी हो चुकी है और कोर्ट में औपचारिक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

  • ट्रायल स्टेज: निचली अदालत द्वारा आरोपी पर आरोप तय किए जा चुके हैं और मामला नियमित सुनवाई के चरण में है।

  • हिरासत की अवधि: आरोपी पिछले 18 महीनों से जेल में बंद है, जबकि संबंधित अपराध में अधिकतम सजा 7 वर्ष ही निर्धारित है।

  • ट्रायल में देरी की संभावना: निकट भविष्य में केस का विचारण शीघ्र समाप्त होने के आसार नहीं हैं, अतः लंबी न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं है।