पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हमले की कोशिश, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों ने आरोपी को दबोचा
नई दिल्ली: बिहार के पूर्णिया जिले से सांसद पप्पू यादव पर रविवार को दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति ने हमला करने का प्रयास किया।
सांसद का दावा है कि आरोपी युवक धारदार हथियार/चाकू लेकर उन्हें जान से मारने के इरादे से आया था, किंतु इससे पूर्व कि वह कोई बड़ी वारदात अंजाम दे पाता, वहां मौजूद समर्थकों व कार्यकर्ताओं ने उसे तत्काल दबोच लिया। इस घटना के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आरोपी युवक पप्पू यादव से किस बात पर आक्रोशित था और उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस के मध्य में ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया?
👤 गाजियाबाद में लोहे का काम करता है आरोपी सुमित, राजनीतिक बयानों से था नाराज
पुलिस द्वारा की गई त्वरित पूछताछ में आरोपी युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी सुमित (34 वर्ष) के रूप में हुई है।
सुमित वर्तमान में अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में निवास करता है और लोहे की वेल्डिंग का काम करता है। पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, सुमित का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि युवक पप्पू यादव द्वारा हाल ही में भगवा वस्त्रों को लेकर दिए गए बयानों तथा राम मंदिर चंदा विवाद से जुड़ी राजनीतिक टिप्पणियों से अत्यंत आक्रोशित था, जिसके विरोध स्वरूप उसने इस घटना को अंजाम दिया।
🚘 बुलंदशहर के सहपानी गांव का है आरोपी, क्रेटा कार में सवार साथी हैप्पी की तलाश जारी
विस्तृत जांच के अनुसार, आरोपी सुमित सहपानी पुत्र फूल गिरी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद तहसील अंतर्गत सहपानी गांव का मूल निवासी है।
इस घटना में उसका एक अन्य साथी ‘हैप्पी’ भी शामिल था, जो घटना के समय सांसद आवास के बाहर क्रेटा कार में बैठकर सुमित का इंतजार कर रहा था। सुमित द्वारा पप्पू यादव पर जूता फेंकने व हंगामा करने के तुरंत बाद हैप्पी कार लेकर मौके से फरार हो गया। तिलक मार्ग थाना पुलिस फरार आरोपी हैप्पी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
🛡️ Y+ कैटेगरी सुरक्षा में बड़ी चूक, 11 की जगह मौके पर तैनात थे सिर्फ 3 सुरक्षाकर्मी
इस हाई-प्रोफाइल घटना के उपरांत सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि पप्पू यादव को शासन की ओर से ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जिसके प्रोटोकॉल के तहत अमूमन 11 सुरक्षाकर्मियों का घेरा होना अनिवार्य है। हालांकि, घटना के वक्त मौके पर केवल 3 पुलिसकर्मी ही तैनात पाए गए। सुरक्षा प्रोटोकॉल में इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारी मामले की गहन जांच में जुट गए हैं।
🔥 “बच्चों के घर गए थे, जिंदा जलाने की बातें कर रहे थे”: सांसद पप्पू यादव का सनसनीखेज आरोप
घटना के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मैं आज यहां इसलिए उपस्थित हुआ क्योंकि बीती रात वे मेरे बच्चों के आवास तक पहुंच गए थे। अब वे मेरे निर्दोष बच्चों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन पर हमला हुआ, तब वहां उपस्थित कुछ असामाजिक तत्व ‘इसे जिंदा जला दो’ और ‘इसे मार डालो’ जैसी धमकियां दे रहे थे।
🙏 “अगर समर्थक न होते तो चली जाती जान, मैंने सिर्फ राम मंदिर चंदे पर पूछा था सवाल”
सांसद पप्पू यादव ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि यदि वहां उनके समर्थक और मीडियाकर्मी मौजूद न होते, तो आज उनकी जान जा सकती थी।
उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “मैंने ऐसा क्या अपराध कर दिया? मैंने तो सिर्फ चंपत राय और अन्य लोगों से यह सामान्य प्रश्न पूछा था कि 200 किलो चांदी और सोना कहां गया? दिल्ली पुलिस सक्षम है और मैं लगातार अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहा हूं।”