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खैरागढ़ में सड़क, बिजली और खाद संकट पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा: 40 ट्रैक्टरों के साथ चक्काजाम, 2 घंटे ठप रहा हाईवे

खैरागढ़ (छत्तीसगढ़): खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले में रविवार को कांग्रेस ने जनसमस्याओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।

इसके चलते डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा मुख्य मार्ग पर आवागमन करीब दो घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। जर्जर सड़क, अघोषित बिजली कटौती और किसानों को खाद न मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली और हाईवे पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

🚜 विधायक हर्षिता बघेल व भुनेश्वर बघेल के नेतृत्व में निकली रैली, नितिन चौक पर की नारेबाजी

इस जन आंदोलन का नेतृत्व डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल और पूर्व विधायक भुनेश्वर बघेल ने संयुक्त रूप से किया।

खपरी सिरदार गांव से लगभग 40 ट्रैक्टरों का एक विशाल काफिला रवाना हुआ, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। यह रैली भंडारपुर होते हुए ढारा स्थित नितिन चौक पहुंची, जहां आंदोलनकारियों ने हाईवे के बीचों-बीच धरना देकर बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

📋 कांग्रेस ने प्रशासन के समक्ष रखीं ये 3 प्रमुख मांगें

  1. सड़क निर्माण: खपरी सिरदार से ढारा के नितिन चौक तक ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के अंतर्गत प्रस्तावित लगभग 12 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए।

  2. बिजली समस्या: प्रदेश में जारी अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए, बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता को राहत दी जाए और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर विराम लगे।

  3. खाद आपूर्ति: खरीफ सीजन में किसानों को सोसाइटियों के माध्यम से समय पर और उचित दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।

🗣️ “सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जमीनी धरातल पर लोग परेशान”: विधायक हर्षिता बघेल

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की मुख्य सड़कें वर्षों से बदहाल स्थिति में हैं।

विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़क के लिए जनता वर्षों से मांग कर रही है। यह हमारा दूसरा धरना प्रदर्शन है। इस बदहाल सड़क पर कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। सोसाइटियों में किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। यदि घोषणाओं के बजाय धरातल पर काम नहीं हुआ तो लड़ाई और आगे जाएगी।”

🚗 2 घंटे तक थम गए ट्रकों और बसों के पहिए, यात्रियों को हुई भारी परेशानी

हाईवे पर चक्काजाम होने के कारण भारी ट्रकों, यात्री बसों और छोटे चौपहिया वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।

कई एंबुलेंस और जरूरी काम से निकले यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने यातायात व्यवस्था बहाल कराने का प्रयास किया, किंतु प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के चलते आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।

✍️ अधिकारियों ने लिया ज्ञापन, परसों से सड़क मरम्मत शुरू कराने का दिया लिखित आश्वासन

स्थिति की गंभीरता और बिगड़ती यातायात व्यवस्था को देखते हुए खैरागढ़ तथा डोंगरगढ़ के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं से वार्ता की और उनकी मांगों का ज्ञापन स्वीकार किया। गहन चर्चा के उपरांत प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि डोंगरगढ़-खैरागढ़ मार्ग के मरम्मत का कार्य परसों से अनिवार्य रूप से प्रारंभ करा दिया जाएगा।

🛑 लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हुआ चक्काजाम, उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित लिखित आश्वासन पत्र सौंपे जाने के पश्चात कांग्रेस पदाधिकारियों ने हाईवे से जाम हटा लिया।

हालांकि, विधायक हर्षिता बघेल और कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा के भीतर सड़क निर्माण, बिजली कटौती और खाद संकट का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और भी व्यापक व उग्र आंदोलन किया जाएगा।