ब्रेकिंग
Baba Sodal Mela Security Plan: 25 सितंबर को लगेगा बाबा सोढल मेला; सीसीटीवी, बम व डॉग स्क्वाड संभालें... BJP Punjab Drug Free Rally: 'पंजाब के भविष्य की दिशा तय करेगी यह रैली'; अशोक सरीन हिक्की ने 50 एकड़ ... BJP Organizational Appointments: बीजेपी ने पंजाब और चंडीगढ़ के प्रभारी-सह प्रभारी किए नियुक्त; देखें... Poonch Security Alert: पुंछ में एलओसी से सटे गांवों में मिलीं 3 लैंडमाइन; सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन... Jodhpur Chemical Factory Fire: जोधपुर में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग के बाद ब्लास्ट; आग बुझाने में ... IIT Bombay Student Suicide: परीक्षा केंद्र का CCTV फुटेज आया सामने; साहिल वाकोडे मामले में बड़ा खुला... Bhoramdeo Sugar Factory Award: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को लगातार दूसरी बार मिला 'नेशनल एफिशिएंस... Jashpur News: जशपुर पुलिस की मिसाल! दिवंगत आरक्षक देव नारायण सिंह के पुत्र को मिला आरक्षक पद का नियु... Korba Crime News: जमीन विवाद में बुजुर्ग चाचा की कुल्हाड़ी मारकर हत्या; अगले ही दिन पत्थर से कुचलकर ... Balod Electricity News: बिना सूचना कट रहे पंचायत कनेक्शन; बालोद में बारिश के बीच सरपंच संघ का बड़ा प...

पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापरवाही का आरोप

पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत कुलुआ बराछ क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।

यहाँ 22 वर्षीय एक गर्भवती महिला और उसके पेट में पल रहे अजन्मे बच्चे की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान असमय मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम और शोक की लहर व्याप्त है। मामले में स्थानीय आशा कार्यकर्ता ने मृतका के पति पर इलाज और पोषण को लेकर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा कर मामले की वैधानिक जांच आरंभ कर दी है।

🩺 9 माह की गर्भवती थी शांति आदिवासी, लंबे समय से थी गंभीर एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित

प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, कुलुआ बराछ निवासी 22 वर्षीय शांति आदिवासी नौ माह की पूर्ण गर्भवती थीं।

वह काफी लंबे समय से शरीर में अत्यधिक खून की कमी (गंभीर एनीमिया) की समस्या से जूझ रही थीं। शनिवार की देर शाम उनकी स्वास्थ्य स्थिति अचानक बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में पन्ना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका आपातकालीन उपचार प्रारंभ किया। किंतु तमाम प्रयासों के बावजूद रविवार 2 अगस्त को इलाज के दौरान शांति और उनके गर्भस्थ शिशु दोनों ने दम तोड़ दिया।

⚠️ “पति शराब का आदी, नहीं दिया सही इलाज और पोषण”, आशा कार्यकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के उपरांत क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता ने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि मृतका शांति का पति हल्के आदिवासी शराब की लत का शिकार था।

वह अपनी गर्भवती पत्नी के उचित खान-पान, संतुलित पोषण और नियमित चिकित्सकीय जांच पर कोई ध्यान नहीं देता था। उनका कहना है कि समय पर पर्याप्त इलाज न मिलने से महिला का हीमोग्लोबिन स्तर खतरनाक रूप से गिर गया था। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

💔 2023 में भी इस परिवार ने झेली थी त्रासदी, मृत शिशु को दिया था जन्म

उल्लेखनीय है कि यह पीड़ित परिवार पूर्व में भी इसी प्रकार की स्वास्थ्य त्रासदी का सामना कर चुका है।

वर्ष 2023 में भी शांति ने एक मृत शिशु (Stillborn) को जन्म दिया था। इसके बावजूद दोबारा गर्भावस्था के दौरान आवश्यक चिकित्सीय देखभाल और पौष्टिक आहार न मिल पाना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और पारिवारिक जागरूकता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।

🚔 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, रिपोर्ट के आधार पर होगी वैधानिक कार्रवाई

घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतका का पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात ही मृत्यु के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से स्पष्टीकरण हो सकेगा। यदि जांच में किसी भी स्तर पर आपराधिक लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

🏥 ग्रामीण इलाकों में मातृ स्वास्थ्य और नियमित देखभाल पर उठे कई बड़े सवाल

इस दुखद घटना ने एक बार फिर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा, एनीमिया नियंत्रण अभियान, गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव और नियमित न्यूट्रिशन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि गर्भावस्था के दौरान समय-समय पर एएनसी (ANC) जांच, आयरन की खुराक और संतुलित आहार से ऐसी असामयिक मौतों को समय रहते रोका जा सकता है।