ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...

भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने बचाई 700 ग्राम की मासूम की जान! नवांशहर में मिला ₹3 लाख का मुफ्त NICU इलाज

नवांशहर/चंडीगढ़ (पंजाब): भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (MMSY) ने नवांशहर में समय से लगभग तीन महीने पहले जन्मी एक अति-संवेदनशील बच्ची की जान बचाने में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गर्भावस्था के केवल 27वें सप्ताह में मात्र 700 ग्राम वजन के साथ जन्मी इस बच्ची को एक सूचीबद्ध निजी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में 50 दिनों तक गहन और विशेष उपचार दिया गया। लगभग ₹3 लाख की लागत वाला यह पूरा जटिल उपचार योजना के तहत पूरी तरह से कैशलेस और मुफ्त उपलब्ध करवाया गया।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना हर परिवार को उपचार के खर्च की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को अपनों के जीवन बचाने और इलाज के लिए पैसे जुटाने के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।

👶 नवजात शिशुओं के उपचार को लेकर बेहद गंभीर है मान सरकार: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला पंजाब में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं और नवजात शिशुओं के उपचार में मुख्यमंत्री सेहत योजना के बढ़ते दायरे को भी दर्शाता है।

आंकड़े बताते हैं कि उच्च जोखिम वाले प्रसव से जुड़े दावों में नवजात शिशुओं की देखभाल का सबसे बड़ा हिस्सा है। पिछले लगभग सात महीनों में स्पेशल नियोनेटल केयर पैकेज के तहत 1,869 नवजातों को ₹2.50 करोड़ के दावों का लाभ मिला है, जबकि इंटेंसिव नियोनेटल केयर पैकेज के अंतर्गत 1,719 नवजातों के उपचार पर ₹3.78 करोड़ के दावे स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा, एडवांस्ड नियोनेटल केयर पैकेज के तहत 434 तथा क्रिटिकल केयर नियोनेटल पैकेज के तहत 382 मामलों को भी योजना का लाभ मिला है, जिससे गंभीर जटिलताओं के साथ जन्मे शिशुओं को जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध करवाया जा सका।

🏥 50 दिनों तक एनआईसीयू (NICU) में वेंटिलेटर पर रही बच्ची, डॉक्टरों की टीम ने दी नई जिंदगी

यह बच्ची नवांशहर के शिव शंकर मोहल्ला निवासी सूरज और उनकी पत्नी के घर पैदा हुई थी। जन्म के तुरंत बाद, फेफड़े पूरी तरह विकसित न होने के कारण उसे सांस लेने में गंभीर समस्या होने लगी।

डॉक्टरों ने तत्काल उसे एनआईसीयू (NICU) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और अगले 50 दिनों तक उसकी चौबीसों घंटे निगरानी की। डॉ. हरतेश सिंह पाहवा ने बताया कि इतनी कम अवधि में जन्मे शिशु अत्यंत नाजुक होते हैं। उन्नत नवजात चिकित्सा, उचित पोषण, संक्रमण नियंत्रण और निरंतर निगरानी की बदौलत बच्ची की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आया और अंततः उसे पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

❤️ “मुश्किल घड़ी में पंजाब सरकार हमारे साथ खड़ी रही”: भावुक होकर बोले बच्ची के पिता सूरज

अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बच्ची के पिता सूरज ने कहा कि उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि का इंतजाम करना बिल्कुल असंभव था।

उन्होंने कहा, “ऐसे कई कठिन पल आए जब हमें लगा कि हम अपनी बेटी को खो देंगे। लेकिन डॉक्टरों ने हमें उम्मीद दी और सरकार की इस योजना ने हमें कभी पैसों की चिंता नहीं होने दी। आज हम अपनी बेटी को सुरक्षित घर लेकर जा रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से पंजाब सरकार सबसे कठिन समय में हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही।”

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं से जुड़ी 474 माताओं को भी लाभ मिल चुका है।