महतारी वंदन योजना के तहत फॉर्म भरने के बाद भी नहीं मिली पहली किस्त, MCB जिले की महिलाओं का फूटा गुस्सा
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़): जिले की ग्राम पंचायत बाही की रहने वाली धनवातिया ने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ का फॉर्म भरा था।
वे बताती हैं कि आवेदन करने के बाद भी आज तक उनके खाते में योजना की एक भी किस्त प्राप्त नहीं हुई है। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उनके आवेदन के साथ क्या किया, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं दी जा रही है। बार-बार प्रशासनिक चौखट पर शिकायत करने के बावजूद आज तक इस विषय पर कोई उचित सुनवाई नहीं हो सकी है।
⏳ ढाई साल से पहली किस्त का इंतजार कर रहीं 75 से अधिक महिलाएं, दस्तावेज जमा होने के बाद भी योजना से वंचित
यह किसी एक महिला की व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि एमसीबी (MCB) जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की 75 से भी अधिक महिलाएं ऐसी हैं जो इस समस्या से जूझ रही हैं।
इन सभी महिलाओं ने योजना की शुरुआत के समय ही पूरे उत्साह के साथ आवेदन फॉर्म भरकर सभी अनिवार्य और आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे। हालांकि, ढाई साल से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उनके बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की पहली किस्त तक नहीं पहुंच पाई है।
📋 आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप, कलेक्ट्रेट में शिकायत के बाद भी नहीं हुई जांच
पीड़ित महिलाओं ने आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
महिलाओं का कहना है कि कर्मियों ने उनसे आवेदन और दस्तावेज तो जमा करवा लिए, लेकिन उन्हें आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किया। इस बड़ी प्रशासनिक चूक के कारण वे योजना के वित्तीय लाभ से पूरी तरह वंचित रह गईं। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शिकायत के बाद भी न तो निष्पक्ष जांच हुई, न लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई हुई और न ही उन्हें उनका हक मिला। बाही गांव की ही इन्द्रकुंवर ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर और सरपंच दोनों को सूचित किया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
🏛️ एमसीबी कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने दिए जांच के निर्देश, बोलीं- “लापरवाह कर्मियों पर होगी सख्त कार्रवाई”
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए एमसीबी (MCB) कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत मैदानी अमले के साथ संबंधित गांव पहुंचें और प्रभावित सभी महिलाओं के ई-केवाईसी (e-KYC) तथा आवेदन की वास्तविक स्थिति की जांच करें। कलेक्टर ने कहा कि जिन महिलाओं के आवेदन अधूरे रह गए हैं, उन्हें तत्काल पूर्ण कराया जाए और पात्र हितग्राहियों की संशोधित सूची राज्य सरकार को भेजी जाए, ताकि पोर्टल खुलने पर उन्हें योजना का लाभ दिया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।