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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा विवाद के बाद बड़ा बदलाव, IITian जगदीश आफले बने पहले सचिव

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या के श्री राम मंदिर में चंदा चोरी के गंभीर विवाद और आंतरिक फेरबदल के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपना नया सचिव चुन लिया है।

पेशे से वरिष्ठ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और मंदिर निर्माण में लंबे समय से प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका निभा रहे जगदीश आफले को ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति में हो रही देरी को देखते हुए ट्रस्ट ने ‘सचिव’ के रूप में एक नया पद सृजित किया और जगदीश आफले को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि, उनकी इस नियुक्ति पर औपचारिक मुहर आगामी 2 सितंबर को लगेगी, जब ट्रस्ट की अगली आधिकारिक बैठक आयोजित होगी।

🖋️ नए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बने आफले, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद सुलझा मामला

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जगदीश आफले को बैंक खातों और वित्तीय कार्यों के लिए ट्रस्ट का नया अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) बनाया गया है।

उनके नाम का औपचारिक प्रस्ताव भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को भी भेज दिया गया है। गौरतलब है कि चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद यह देश भर में एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा बन गया था। लंबे समय तक चली कयासबाजी और प्रशासनिक दबाव के बाद तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

🏦 हस्ताक्षरकर्ता न होने से अटका था 1,000 कर्मचारियों का वेतन, SBI ने शुरू किया खातों का संचालन

इसके बाद बीते 6 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट की बैठक में तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया था।

साथ ही ट्रस्ट ने बैंक में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता में भी तुरंत बदलाव करने का निर्णय लिया। इसके तहत अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और जगदीश आफले का नाम बैंक भेजा गया था, लेकिन बैंक ने आफले के ट्रस्टी न होने पर कानूनी सवाल खड़ा कर दिया था, जिससे खातों के संचालन में गतिरोध आ गया था। हालांकि, सचिव पद पर नई नियुक्ति के बाद हस्ताक्षरकर्ता को लेकर बना गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है और एसबीआई ने नए प्रस्ताव मिलने के बाद ट्रस्ट के खातों का संचालन फिर से शुरू कर दिया है। हस्ताक्षरकर्ता न होने के कारण ट्रस्ट से जुड़े करीब एक हजार कर्मचारियों के वेतन और निर्माण में लगी विभिन्न एजेंसियों के भुगतानों पर बड़ा असर पड़ रहा था।

🛠️ पुणे के रहने वाले हैं आफले, संघ से जुड़ाव और बिना सैलरी के संभाली प्रोजेक्ट मैनेजर की कमान

राम मंदिर निर्माण के प्रोजेक्ट मैनेजर रहे जगदीश आफले अब तक बिना किसी वेतन (Salary) के पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

महाराष्ट्र के पुणे शहर से नाता रखने वाले जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। वह पेशे से एक कुशल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत से ही मंदिर निर्माण की गतिविधियों से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण शुरू होने के समय ही बिना कोई मानदेय या वेतन लिए प्रोजेक्ट मैनेजर की कमान अपने हाथों में ले ली थी।

🎓 IIT मुंबई से B.Tech और M.Tech, अमेरिका-यूरोप की MNCs छोड़कर आए भारत

जगदीश आफले का शैक्षणिक और व्यावसायिक बैकग्राउंड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी मुंबई (IIT Bombay) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और फिर एम.टेक की उच्च शिक्षा हासिल की।

इसके बाद वे कई प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) से जुड़े और यूरोप के कई विकसित देशों के अलावा अमेरिका में भी लंबे समय तक कार्यरत रहे। हालांकि, राम मंदिर निर्माण का सपना साकार होने पर वे भारत लौट आए और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित हो गए। वे वर्तमान में अपनी पत्नी के साथ अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में ही निवास करते हैं।

📢 जल्द होगी नए सीईओ और प्रवक्ता के नाम की घोषणा, चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में

सचिव के रूप में जगदीश आफले की नियुक्ति के बाद अब ट्रस्ट की कार्यकारिणी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और आधिकारिक प्रवक्ता (Spokesperson) की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी है।

फिलहाल प्रवक्ता के चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और इसके लिए कई प्रमुख नामों पर गहन विचार-विमर्श किया जा चुका है। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रवक्ता के नाम का भी औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा। वहीं सीईओ के चयन पर अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने स्पष्ट किया कि सीईओ के अंतिम चयन में अभी कुछ समय लगेगा, इसी वजह से कामकाज को सुचारू रखने के लिए सचिव का नया पद बनाकर आफले को जिम्मेदारी सौंपी गई है।