ब्रेकिंग
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पास हुआ 'एंटी पेपर लीक बिल', राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून जोशीमठ के किमाणा गांव में भू-धंसाव से हड़कंप! चंडिका माता मंदिर क्षतिग्रस्त, प्राथमिक विद्यालय और पं... दिल्ली सरकार की बड़ी पहल: 'विद्या वाहिनी' योजना के तहत 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी मुफ्त साइकिल! CM ... 'Idiots' और 'Andhbhakts' टिप्पणी पर घिरे राहुल गांधी: अनुराग ठाकुर ने विशेषाधिकार समिति को मामला भेज... हरियाणा मतदाता सूची पुनरीक्षण: 26.29 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में मिलीं गड़बड़ियां, 33 लाख नाम ड्राफ्ट ... समालखा नगर परिषद में सियासी ड्रामे का पटाक्षेप! मनीषा कुहाड़ निर्विरोध बनीं वाइस चेयरपर्सन हरियाणा में JBT शिक्षकों की TGT पदोन्नति प्रक्रिया तेज! 13 अगस्त तक मांगे आवेदन, DEEO पर गाज की तैया... ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 'गोल्डन बॉय' नीरज चोपड़ा का धमाकेदार प्रदर्शन, जैवलिन थ्रो के फाइनल मे... पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धारा 24(2) का सहारा लेकर नहीं खोले जा सकते दशकों पुराने भू... राज्यसभा में उठी गुरुग्राम में हाईकोर्ट सर्किट बेंच की मांग! सांसद संजय भाटिया ने 'टॉवर ऑफ जस्टिस' क...

सावन मास को लेकर महाकाल मंदिर में भस्म आरती का समय बदला, रोजाना सुबह 3 बजे और सोमवार को 2:30 बजे खुलेंगे पट

उज्जैन (मध्य प्रदेश): विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में पवित्र श्रावण (सावन) मास को लेकर दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में बड़ा बदलाव किया गया है।

महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष पलवाड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 जुलाई से श्रावण मास की औपचारिक शुरुआत हो रही है। इसके चलते प्रतिदिन होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। अब सावन भर मंदिर के पट रोजाना सुबह 3:00 बजे खुलेंगे। इसके बाद सप्ताह में छह दिन सुबह 3:00 बजे से 5:00 बजे के बीच बाबा महाकाल की भस्म आरती संपन्न होगी। वहीं, प्रत्येक सोमवार को अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर के पट रात 2:30 बजे ही खोल दिए जाएंगे, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुलभता से दर्शन मिल सकें।

🚶 सामान्य और शीघ्र दर्शन के लिए तय किए गए मार्ग, जानिए किस द्वार से मिलेगा प्रवेश

सहायक प्रशासक ने बताया कि सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को त्रिवेणी संग्रहालय के समीप स्थित नंदी द्वार से श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर-1 और टनल के रास्ते मंदिर परिसर होते हुए कार्तिक एवं गणेश मंडपम तक पहुंचना होगा, जहां से वे बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर सकेंगे।

वहीं, नीलकंठ द्वार से आने वाले श्रद्धालुओं को मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर-1 और टनल के रास्ते कार्तिक एवं गणेश मंडपम में प्रवेश दिया जाएगा। यदि ₹250 की शीघ्र दर्शन (Protocol/VIP) व्यवस्था की बात करें, तो इसके लिए श्रद्धालुओं को गेट नंबर-1 और गेट नंबर-5 से प्रवेश दिया जाएगा।

🌊 कांवड़ यात्रियों के लिए मंगलवार से शुक्रवार तक विशेष व्यवस्था, शनिवार-सोमवार को सामान्य मार्ग से जल अर्पण

श्री महाकालेश्वर मंदिर में कांवड़ लेकर बाबा महाकाल का जलाभिषेक करने आने वाले शिवभक्तों/कांवड़ियों के लिए मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को विशेष व्यवस्था रहेगी।

इन श्रद्धालुओं को गेट नंबर-1 एवं हरसिद्धि चौराहा से विशेष दर्शन मार्ग के माध्यम से प्रवेश मिलेगा, जहां से वे आसानी से बाबा महाकाल को जल अर्पित कर सकेंगे। हालांकि, शनिवार, रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते कांवड़ियों के लिए यह विशेष व्यवस्था उपलब्ध नहीं रहेगी। ऐसे में उन्हें सामान्य दर्शनार्थियों की कतार में लगकर ही जल अर्पित करना होगा।

🅿️ श्रद्धालु यहां पार्क कर सकेंगे अपने वाहन, मेघदूत वन से लेकर चारधाम तक बनीं 5 बड़ी पार्किंग

महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की गाड़ियों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालु मंदिर क्षेत्र के समीप स्थित मेघदूत वन पार्किंग, नीलकंठ पार्किंग, कर्कराज पार्किंग, चारधाम मंदिर पार्किंग और कार्तिक मेला ग्राउंड पार्किंग में अपने दोपहिया व चारपहिया वाहन आसानी से खड़े कर सकेंगे।

👟 जूते-चप्पल उतारने के लिए बनाए गए 7 प्रमुख जूता स्टैंड, त्रिवेणी से लेकर गेट-1 तक सुविधा

बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 7 प्रमुख स्थानों पर विशाल जूता स्टैंड बनाए गए हैं।

श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर स्थित जूता स्टैंड, श्री महाकाल महालोक के पास, हरसिद्धि चौराहा, नीलकंठ प्रवेश द्वार, मानसरोवर भवन, विक्रमशिला तथा गेट नंबर-1 पर बने जूता स्टैंडों पर अपने जूते-चप्पल सुरक्षित जमा कर सकेंगे।