ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...

फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उतरे विद्यार्थी

फतेहपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार को छात्रों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की लंबे समय से चली आ रही कमी से नाराज सैकड़ों छात्र-छात्राएं कक्षाओं का पूर्ण बहिष्कार कर सीधे सड़क पर उतर आए।

हाथों में तख्तियां और अपनी मांगों का मांग-पत्र लेकर छात्रों ने विद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस उग्र प्रदर्शन से विद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि लंबे समय से विद्यालय में बिजली, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

🚰 शौचालयों की बदहाली और आरओ पानी न मिलने पर भड़कीं छात्राएं, मिड-डे मील पर भी उठाए सवाल

प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने विद्यालय की आंतरिक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना था कि शौचालयों की हालत बेहद खराब और जर्जर है, जिससे उन्हें रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

भीषण गर्मी के बावजूद परिसर में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत करने के बाद भी न तो परिसर की सफाई व्यवस्था सुधरी और न ही अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गईं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि कई कक्षाओं में बेंच और डेस्क टूटे हुए हैं, खेल मैदान की नियमित देखरेख नहीं होती तथा मिड-डे मील की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। इन सभी समस्याओं के कारण पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

🗣️ प्रधानाचार्य के अड़ियल रवैये से नाराज छात्र, रखीं 5 प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी छात्रों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य के व्यवहार पर भी सीधे सवाल उठाए। उनका आरोप था कि छात्रों की जायज शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और उनके साथ अभद्र व गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया जाता है।

कई बार समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे विद्यार्थियों का सब्र टूट गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रमुख मांगें रखीं कि विद्यालय में तत्काल आरओ (RO) आधारित स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए, शौचालयों की मरम्मत कराई जाए, परिसर की नियमित साफ-सफाई हो, पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध कराया जाए और खेल मैदान की स्थिति में सुधार हो। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की भी मांग रखी।

🤝 DIOS राकेश कुमार के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना, दी दोबारा आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कायम कर उनकी सभी समस्याएं विस्तार से सुनीं और उनका मांग-पत्र प्राप्त किया।

डीआईओएस ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन को कड़े निर्देश दिए जाएंगे और बहुत जल्द समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। डीआईओएस के ठोस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना फिलहाल समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वे फिर से वृहद आंदोलन करने को बाध्य होंगे।