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एमपी में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के नियमों में बड़ा बदलाव, अब न्यूनतम 70% अंक वाले टॉपर ही होंगे पात्र

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाली ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के नियमों में इस वर्ष महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब योजना का लाभ केवल उन मेधावी विद्यार्थियों को ही मिल सकेगा, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।

इससे पहले की व्यवस्था के तहत यदि किसी शासकीय विद्यालय (Government School) का छात्र या छात्रा 60 प्रतिशत अंक के साथ भी स्कूल में प्रथम स्थान (School Topper) पर रहता था, तो वह स्कूटी योजना का पात्र मान लिया जाता था। नए नियम लागू होने के बाद इस वर्ष पात्र विद्यार्थियों की कुल संख्या में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

🛵 अब केवल 70% अंक पाने वाले स्कूल टॉपरों को मिलेगी ई-स्कूटी, बदला पात्रता का पैमाना

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दो मेधावी विद्यार्थियों (एक छात्र और एक छात्रा) को ई-स्कूटी या उसके लिए निर्धारित वित्तीय सहायता राशि दी जाती है।

अब इस पात्रता में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक लाने की अनिवार्यता जोड़ दी गई है। पहले स्कूल टॉपर होने के साथ 60 प्रतिशत अंक भी पर्याप्त माने जाते थे, लेकिन इस शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी गई है।

⏳ 31 जुलाई तक डेटा अपलोड नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी, हजारों छात्रों को लाभ मिलने में हो सकती है देरी

योजना के क्रियान्वयन में इस बार प्रशासनिक प्रक्रिया भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्य सरकार ने एस्टीमेशन एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (BEMS) के तहत सभी पात्र विद्यार्थियों का बैंक खाता और आधार विवरण सहित पूरा डेटा 31 जुलाई तक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया है।

अंतिम तिथि में अब बेहद कम समय शेष है, लेकिन राज्य के कई ग्रामीण जिलों के स्कूलों से अब तक विद्यार्थियों का पूरा डेटा अपलोड नहीं हो पाया है। ऐसे में हजारों मेधावी विद्यार्थियों को योजना की प्रोत्साहन राशि मिलने में देरी होने की गंभीर आशंका बन गई है।

💰 हर साल 7,800 मेधावियों को मिलती है स्कूटी, 1.25 लाख रुपये तक की दी जाती है वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के माध्यम से हर साल लगभग 7,800 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जाता है। सरकार पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी या पेट्रोल स्कूटी खरीदने के लिए ₹1 लाख से लेकर ₹1.25 लाख तक की वित्तीय सहायता उनके खाते में उपलब्ध कराती है।

विदित हो कि पिछले वर्ष पात्र विद्यार्थियों को 11 सितंबर को स्कूटी वितरित की गई थी। हालांकि, इस बार नई 70% अंक की पात्रता और डेटा फीडिंग में हो रहे विलंब के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित होने के पूरे आसार हैं।

🖥️ बीईएमएस (BEMS) प्रणाली से सुनिश्चित होगी पारदर्शिता, समय पर डेटा न देने पर नहीं मिलेगा बजट

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष पात्रता नियम बदलने और नई जांच प्रक्रिया के कारण डेटा संकलन व ऑनलाइन फीडिंग में अधिक समय लग रहा है। योजना में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी बजटीय राशि के सही उपयोग के लिए आगामी पांच वर्षों तक बीईएमएस (BEMS) प्रणाली लागू की गई है।

यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर विद्यार्थियों का पूरा विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया, तो संबंधित विभाग को बजट आवंटित नहीं किया जाएगा। इसके चलते स्कूटी वितरण प्रक्रिया में और अधिक विलंब हो सकता है।

💻 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रोत्साहन राशि का भी इंतजार, जानें संयुक्त संचालक का बयान

इधर, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले करीब 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25-25 हजार की सहायता राशि दी जानी है। यह संख्या पिछले वर्ष के 94,500 लाभार्थियों की तुलना में लगभग 26 हजार अधिक है। हालांकि, अब तक शासन स्तर से इस योजना के तहत राशि ट्रांसफर की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

अरविंद चौरगढ़े (संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण) का वक्तव्य: “कुछ जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों ने अब तक विद्यार्थियों का डेटा पोर्टल पर फीड नहीं किया है। हालांकि, 90 फीसदी जिलों ने डेटा सफलतापूर्वक अपलोड कर दिया है। जल्द ही शेष बची प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी ताकि समय पर प्रक्रिया आगे बढ़ सके।”