ब्रेकिंग
UP Crime & Tragedy Update: बदायूं में विदाई के कुछ घंटे बाद ही उजड़ा दुल्हन का सिंदूर, जहरीले सांप क... Piyush Goyal Deepfake Video: कॉकरोच जनता पार्टी पर बयान का AI वीडियो वायरल, पीयूष गोयल बोले- 'फर्जी ... Weather Update Today: दिल्ली में उमस के बीच 28-29 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट, यूपी-बिहार समेत... Delhi Metro Update: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते आज लगातार चौथे दिन 18 मेट्रो स्टेशन बंद; देखें पूर... Indore Crime News: इंदौर के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, नोएडा का पूर्व... Chitrakoot Crime News: चित्रकूट में NEET छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म, खुद को वन कर्मी बताकर बदमाश... Amroha Reel Star Marriage: तीन रीलबाज बहनों की एक कैमरामैन से शादी पर नया खुलासा, वीडियो जारी कर दी ... Mumbai Missing Child Case: तीन साल से लापता 8 साल का बच्चा अपने माता-पिता से मिला, मुंबई पुलिस की सू... IMD Weather Alert: देश के कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दिल्ली-यूपी समेत इन इलाकों में झमा... Meerut Snake Bite Murder Case: स्कूल संचालक की सांप से कटवाकर हत्या, पत्नी और ड्राइवर के अवैध संबंधो...

Chhattisgarh Guest Teachers Protest: संविलियन की मांग को लेकर अड़े अतिथि शिक्षक, हिंदी भवन के सामने से हटाया गया धरना स्थल

दुर्ग: पिछले 22 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों के धरने पर आखिरकार पुलिस ने देर रात कार्रवाई कर दी है। शहर के हिंदी भवन के सामने चल रहे धरना स्थल से पुलिस ने टेंट हटाकर उसे जब्त कर लिया, साथ ही गुरुवार सुबह जब दोबारा शिक्षक धरने पर पहुंचे तो करीब 50 अतिथि शिक्षकों को पुलिस बसों में बैठाकर वहां से अन्यत्र ले जाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर धरना स्थल के साथ-साथ बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बावजूद अतिथि शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि पुलिस की इस कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होने वाला है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

⚖️ संविलियन, सेवा सुरक्षा और समान वेतन जैसी प्रमुख मांगों को लेकर अड़े हैं शिक्षक

दुर्ग के हिंदी भवन के सामने मुख्य रूप से बस्तर और अन्य आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षक पिछले 22 दिनों से संविलियन, सेवा सुरक्षा, समान कार्य के बदले समान वेतन और मानदेय बढ़ाने जैसी न्यायसंगत मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बुधवार को भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें शाम तक हर हाल में धरना समाप्त करने की चेतावनी दी। हालांकि, चेतावनी के बाद भी शिक्षक अपने अधिकारों के लिए डटे रहे, जिसके बाद देर रात पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए टेंट उखाड़ दिया और पूरे धरना स्थल को खाली करवा लिया।

🌅 सुबह फिर पहुंचे शिक्षक, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बढ़ाई गई चौकसी

गुरुवार की सुबह जब कई शिक्षक दोबारा धरना स्थल पर पहुंचे, तो पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया। किसी भी नए शिक्षक या समर्थन में आने वाले लोगों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए स्थानीय बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी बढ़ा दी गई है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है और पुलिस बल तैनात रखा गया है।

📢 मांगों पर ठोस निर्णय न मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन, अश्वासनों से मोहभंग

अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार के नुमाइंदों के साथ अब तक कई दौर की चर्चा हो चुकी है, लेकिन उनकी किसी भी प्रमुख मांग पर आज तक कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। शिक्षकों का तर्क है कि उन्होंने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों, दूर-दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों में अपनी सेवाएं दी हैं, लेकिन आज भी उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी बुनियादी सुविधाएं नसीब नहीं हो रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि प्रशासन और शासन स्तर पर उन्हें हर बार केवल कोरे आश्वासन ही मिलते हैं, पर धरातल पर समाधान कुछ नहीं होता। इससे पहले इन शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित आवास का करीब 24 घंटे तक घेराव भी किया था, जहां मंत्री से वार्ता के आश्वासन के बाद वे वापस धरना स्थल लौटे थे, लेकिन अब तक कोई फैसला न आने के कारण आंदोलन फिर तेज हो गया। पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी शिक्षकों का दृढ़ संकल्प है कि टेंट हटने से उनका हौसला नहीं टूटेगा और जब तक सरकार लिखित में कोई ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।