ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...

China Floods: चीन के 1 लाख बांध बने मुसीबत, बिना चेतावनी पानी छोड़ने से कई गांवों में भारी तबाही

बीजिंग: दुनिया में सबसे अधिक बांध और जलाशय (Reservoirs) बनाने वाला देश चीन अब अपनी ही इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीन में करीब 1 लाख जलाशय और बांध हैं। शुरुआत में इनका उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, बिजली उत्पादन और जल संरक्षण था, लेकिन अब हर बारिश के मौसम में यही बांध हजारों लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, चीन में कई बार इन जलाशयों से अचानक पानी छोड़ दिया जाता है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से कोई सूचना (Warning) नहीं दी जाती है। कई बार तो रात के समय अचानक फ्लड गेट खोल दिए जाते हैं, जिससे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिलता और बाढ़ का पानी उनके घरों तक पहुंच जाता है।

गुआंग्शी में टूटा लीउलान जलाशय, कई गांव पानी में डूबे

गुआंग्शी (Guangxi) प्रांत के कई गांवों में जुलाई की शुरुआत में ऐसी ही खौफनाक स्थिति देखने को मिली है, जहां कई घरों की छतों तक पानी भर गया। कुछ लोगों ने छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग तेज बहाव में लापता हो गए। जानकारी के मुताबिक, 6 जुलाई को गुआंग्शी प्रांत के लीउलान जलाशय (Liulan Reservoir) के टूटने से इलाके में भारी तबाही मच गई। लगातार बारिश और टाइफून के बाद तड़के करीब तीन बजे पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा और सुबह सात बजे बांध टूट गया, जिससे कई कस्बे पूरी तरह पानी में डूब गए। बाढ़ से खेती, मछली पालन और सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस त्रासदी से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और कई लोग घंटों तक राहत और बचाव का इंतजार करते रहे।

2022 में ही सामने आ गई थीं गुणवत्ता की खामियां

रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2022 में ही स्थानीय जल संसाधन विभाग ने कई परियोजनाओं में गुणवत्ता (Quality) संबंधी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया था। लीउलान जलाशय की मरम्मत परियोजना भी इन्हीं चेतावनियों में शामिल थी। इसके बावजूद समय रहते सुधार नहीं किए गए, जिसका नतीजा यह हुआ कि भारी बारिश में यह बांध क्षतिग्रस्त हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के कई बांध दशकों पहले बनाए गए थे और समय के साथ उनकी संरचना (Structure) काफी कमजोर हो गई है। बिजली उत्पादन, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण जैसे कई उद्देश्यों के कारण इन पुराने बांधों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।

1975 के बानकियाओ बांध हादसे की यादें हुईं ताजा

भारी बारिश के दौरान चीन के बुनियादी ढांचे की कमजोरियां खुलकर सामने आ रही हैं। चीन के इतिहास में 1975 का ‘बानकियाओ बांध हादसा’ (Banqiao Dam Disaster) दुनिया की सबसे बड़ी और भयानक बांध त्रासदियों में गिना जाता है। उस समय बांध टूटने से भयंकर बाढ़ आई थी, जिसमें लाखों लोग प्रभावित हुए थे और बड़ी संख्या में मौतें हुई थीं। हालांकि, इस घटना को लेकर लंबे समय तक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

हालिया बाढ़ से प्रभावित गांवों में लोगों ने बताया कि कुछ ही घंटों में पानी दूसरी मंजिल तक पहुंच गया। कई परिवार भोजन, पीने के पानी और बिजली के बिना फंसे हुए हैं। कई लोग अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। रक्षा और आधारभूत संरचना के विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय पर चेतावनी, मजबूत निर्माण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो हर मानसून में चीन के लाखों लोग इसी तरह के मौत के खतरे का सामना करते रहेंगे।