अंबाला से सामने आई यह खबर हृदय विदारक है। बोरवेल में गिरे 4 साल के मासूम निरवैर को बचाने के लिए प्रशासन ने 21 घंटे तक महा-रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। बुधवार तड़के करीब 3:30 बजे मासूम का शव बोरवेल से बाहर निकाला गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।
🩺 पोस्टमार्टम की तैयारी: डॉक्टरों का विशेष पैनल गठित
मासूम निरवैर का शव फिलहाल अंबाला शहर के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों का एक विशेष पैनल गठित किया है। पुलिस की कानूनी कागजी कार्रवाई और पंचनामा पूरा होते ही डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू करेगी।
⚠️ लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खुले बोरवेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खेलते समय अचानक बोरवेल में गिरे निरवैर की मौत ने सिस्टम और जमीन मालिकों की लापरवाही को उजागर किया है। सवाल यह है कि शासन के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद खेतों में बोरवेल खुले क्यों छोड़े जा रहे हैं? इस हादसे के बाद अब जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।