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Ram Mandir Donation Scam: चंपत राय ने पुलिस पूछताछ में क्या कहा? चढ़ावा चोरी मामले में दी सफाई

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच के दौरान अपना पक्ष स्पष्ट किया है। चंपत राय ने जोर देकर कहा कि इस कथित हेराफेरी में उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें गड़बड़ी की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत सक्रिय होकर संदिग्धों की पहचान कराई और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करवाई।

🤝 टिन्नू यादव पर था भरोसा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने स्वीकार किया कि चढ़ावे की व्यवस्था में शुचिता बनाए रखना उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि टिन्नू यादव लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और उस पर आंख मूंदकर भरोसा किया गया था। किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि वह इतनी बड़ी धोखाधड़ी में शामिल हो सकता है।

📋 भर्ती प्रक्रिया पर पुलिस के तीखे सवाल

जांच के दौरान पुलिस ने ट्रस्ट में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। चंपत राय से पूछा गया कि ट्रस्ट के लोगों के रिश्तेदारों को काम पर रखने का आधार क्या था? इस पर उन्होंने सफाई दी कि यह फैसला केवल उनका नहीं था, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों जैसे डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की सहमति से जरूरतमंदों को रोजगार देने के उद्देश्य से किया गया था। SIT अब इन बयानों का अन्य साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है।

⛓️ सभी 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में

सोमवार को इस मामले के सभी 8 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें 13 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में कैश, ज्वेलरी और महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए थे, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।