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Indore Police Controversy: एमडी ड्रग्स के नाम पर फंसाया, निकला यूरिया; आरोपी आरक्षक ने अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में दायर की याचिका

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तेजाजी नगर पुलिस द्वारा एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरक्षक लखन गुप्ता को जब जांच के दौरान बेगुनाह पाया गया, तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की फॉरेंसिक जांच में जो कथित ‘एमडी ड्रग्स’ जब्त किया गया था, वह वास्तव में ‘यूरिया’ निकला।

👮 झूठी साजिश और आरक्षक की गिरफ्तारी

तेजाजी नगर पुलिस ने आरक्षक लखन गुप्ता और तीन अन्य लोगों को एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ने का दावा किया था। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था, लेकिन बाद में आरक्षक लखन गुप्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद उन्हें बरी कर दिया गया। अब बरी होने के बाद, लखन गुप्ता ने अपने एडवोकेट नितिन पाराशर के जरिए इंदौर जिला कोर्ट में एक परिवाद दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।

🔍 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ षडयंत्र का आरोप

आरक्षक ने परिवाद में तत्कालीन डीसीपी विनोद मीणा, एसीपी करण सिंह, थाना प्रभारी आदित्य सिंघारे सहित कुल 16 पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लखन गुप्ता का कहना है कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे ड्रग्स केस में फंसाया गया था। परिवाद में मांग की गई है कि उक्त अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

🏛️ कोर्ट का सख्त रुख, अधिकारियों को नोटिस

इंदौर की जिला कोर्ट ने इस परिवाद को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर इस पूरी कार्रवाई का स्पष्टीकरण मांगा है। यदि अधिकारियों का जवाब कोर्ट को संतोषजनक नहीं लगता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अब सबकी निगाहें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या खाकीधारी ही खाकीधारियों पर भारी पड़ेंगे।