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Latehar News: लातेहार के उदयपुरा गांव की महिलाओं ने छेड़ी नशे के खिलाफ जंग; शराबियों को मिल रहा अनोखा दंड

लातेहार: ‘नशा नाश का कारण है’—इस बात को लातेहार सदर प्रखंड के उदयपुरा गांव की महिलाओं ने चरितार्थ कर दिखाया है। 1000 की आबादी वाले इस आदिवासी बहुल आदर्श गांव का माहौल अवैध शराब बिक्री के कारण खराब हो रहा था, जिससे तंग आकर महिलाओं ने अब मोर्चा संभाल लिया है। पिछले 5 दिनों से महिलाएं खुद सड़कों पर उतरकर गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान चला रही हैं।

🚧 निगरानी और दंड का अनोखा नियम

महिलाओं ने समूह बनाकर दोपहर 2:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक गांव के हर चौक-चौराहे और टोले की निगरानी शुरू की है। अभियान के तहत नियम बनाया गया है कि यदि कोई भी अवैध शराब बेचते या पीते पकड़ा जाता है, तो उसे 500 रुपये का जुर्माना देना होगा या फिर उठक-बैठक करनी होगी। सुनीता देवी, सविता देवी और श्वेता बाड़ा जैसी जागरूक महिलाओं ने बताया कि यह कदम उनकी सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अत्यंत आवश्यक था।

📈 5 दिन में दिखने लगा सकारात्मक बदलाव

इस अभियान का असर मात्र 5 दिनों में ही गांव की गलियों में दिखने लगा है। छात्रा श्वेता बाड़ा के अनुसार, पहले सड़क किनारे शराबियों की भीड़ के कारण महिलाओं और लड़कियों का घर से निकलना दूभर हो गया था, लेकिन अब यह भीड़ नदारद है। बाहर से आने वाले शराबियों की संख्या भी अब शून्य के करीब हो गई है। गांव में सुरक्षा का अहसास फिर से लौटने लगा है।

🤝 पंचायत का मिला साथ

महिलाओं की इस साहसी पहल की सराहना पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने भी की है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने समाज के सामने एक मिसाल कायम की है। नशा परिवार और समाज को खोखला करता है, और इस संकल्प को पूरा करने में वे हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उदयपुरा की महिलाओं का यह प्रयास न केवल उनके गांव के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा है।