ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...

Haryana Temple Employees: मां भीमेश्वरी मंदिर के 22 कर्मचारियों का दर्द; वेतन के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

चंडीगढ़: हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी स्थित प्रसिद्ध मां भीमेश्वरी मंदिर के 22 कर्मचारी इन दिनों भीषण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन को 3 दिसंबर से शृाइन बोर्ड के अधीन किए जाने के बाद से ही यहां कार्यरत कर्मचारियों का वेतन लंबित है। पिछले करीब छह महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

🤝 मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

समस्या के समाधान के लिए कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की व्यथा सुनने के बाद जल्द से जल्द वेतन भुगतान का उचित समाधान करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में विकास पुरी, राजेश शर्मा, प्रदीप वत्स, रजत कुमार, मनोज कुमार, मुन्नीलाल, सुल्तान सिंह और कमल कुमार जैसे कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने बताया कि मंदिर की व्यवस्था बदलते ही उनकी नियमित आय पूरी तरह बाधित हो गई है।

🏢 अधिकारियों के आश्वासन और बढ़ती चिंता

कर्मचारियों का कहना है कि वे इस मामले में बेरी की एसडीएम एवं शृाइन बोर्ड की सीईओ रेणुका नांदल और झज्जर के उपायुक्त से भी कई बार मिल चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, वेतन भुगतान के लिए जरूरी मंजूरी का मामला चंडीगढ़ भेजा जा चुका है, जो अब अंतिम चरण में है। बावजूद इसके, कई महीने बीत जाने के बाद भी राशि जारी न होने से कर्मचारियों में भारी रोष और चिंता का माहौल है।