भिलाई: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से संगठित तरीके से की जा रही करोड़ों रुपये के स्क्रैप की चोरी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हाल ही में रिमांड पूरी होने के बाद तीन और आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले का मुख्य आरोपी संजय सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि उसके बेटे की तलाश जारी है।
🏗️ फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था गोरखधंधा
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि 26 मई को ग्राम अकलोरडीह स्थित एक गोदाम में पुलिस ने छापेमारी कर इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया था। जांच में पता चला कि अपराधी ‘फ्लू डस्ट’ परिवहन की आड़ में बीएसपी से चोरी की गई भारी लोहे की प्लेटें और बीम का अवैध भंडारण कर रहे थे। पुलिस ने मौके से करीब 250 टन स्क्रैप और उपयोग किए गए वाहनों सहित कुल 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
💰 मुख्य आरोपी की संपत्तियों का खुलासा
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी संजय सिंह के सहयोगियों ने चोरी की कमाई को निवेश करने का खुलासा किया। पुलिस ने संजय सिंह के लॉकर से 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और लगभग 3 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा, चोरी के लोहे के परिवहन के लिए इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट्स भी जब्त की गई हैं। पुलिस अब आरोपियों की अन्य संपत्तियों की कुर्की की तैयारी में जुटी है।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया: दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि बीएसपी प्लांट में चोरी का यह धंधा काफी लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि “चोरों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि पहले कार्रवाई नहीं होती थी। इस बार जो भी दोषी है, उसे सामने लाया जाए और उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।”