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Jharkhand Police News: गृह मंत्रालय के आदेश के बाद भी 24 जिलों में लापरवाही; नस्लीय भेदभाव की रिपोर्ट नहीं भेजी

रांची: झारखंड के सभी 24 जिलों के एसएसपी और एसपी पर केंद्रीय निर्देशों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। मामला उत्तर-पूर्वी राज्यों के नागरिकों के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव (Racial Discrimination) से संबंधित है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मुद्दे पर बार-बार रिपोर्ट मांगी है, लेकिन पांच बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद पुलिस मुख्यालय तक जानकारी नहीं पहुंची है।

📋 क्या है गृह मंत्रालय का निर्देश?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश भर में उत्तर-पूर्वी नागरिकों की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशीलता सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों से ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ मांगी थी। इसमें दिल्ली पुलिस द्वारा अपनाई गई ‘गुड प्रैक्टिसेज’ को लागू करना, पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना और शिकायत निवारण तंत्र विकसित करना शामिल था। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी जिला कप्तानों को रिपोर्ट भेजने को कहा था, लेकिन किसी भी जिले से 3 जून तक कोई जानकारी नहीं मिली।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है मामला

यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के 14 दिसंबर 2016 के ऐतिहासिक फैसले (Karma Dorjee & Ors. बनाम Union of India) से जुड़ा है। अदालत के आदेश पर गठित मॉनिटरिंग कमेटी की 15वीं बैठक (15 दिसंबर 2025) में यह चिंता जताई गई थी कि कई राज्य अभी भी अपनी रिपोर्ट भेजने में नाकाम रहे हैं। इसी के बाद गृह मंत्रालय ने झारखंड समेत कई राज्यों को दोबारा रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है।

🔍 पुलिस मुख्यालय का सख्त रुख

पुलिस मुख्यालय ने स्थिति पर गहरा खेद व्यक्त किया है और इसे अत्यंत चिंताजनक बताया है। मुख्यालय ने पुनः सख्त निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी जिले में ऐसा कोई मामला दर्ज है, तो उसकी पूरी जानकारी तुरंत भेजी जाए। यदि अब भी रिपोर्ट नहीं मिली, तो उच्च स्तर पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।