West Bengal Politics: TMC में बड़ी बगावत; ऋतब्रत बनर्जी गुट का ममता बनर्जी को ऑफर, क्या ममता बनेंगी ‘मुख्य सलाहकार’?
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा घमासान अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है। पार्टी के 20 सांसदों द्वारा बगावत कर अलग गुट बनाने के बाद, सोमवार को हुए विशेष सत्र में बागी नेताओं ने ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटाने और अभिषेक बनर्जी को सस्पेंड करने का कड़ा फैसला लिया है।
🤝 ममता बनर्जी को ‘मुख्य सलाहकार’ बनने का ऑफर
बगावत के बावजूद बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के प्रति सुलह का रुख दिखाते हुए उन्हें एक ऑफर दिया है। उन्होंने कहा, “यदि ममता बनर्जी चाहें तो वे पार्टी की मुख्य सलाहकार बन सकती हैं, हम उनका स्वागत करेंगे।” यह प्रस्ताव तब आया है जब बागी गुट खुद को ‘असली TMC’ घोषित करने की कोशिश में है।
👑 बागी गुट का नया सांगठनिक ढांचा
सोमवार को आयोजित विशेष सत्र में बागी खेमे ने पार्टी की नई कार्यकारिणी की घोषणा की, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है:
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अध्यक्ष: अरूप रॉय
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उपाध्यक्ष: अरूप विश्वास, फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन।
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महासचिव: ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा।
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कोषाध्यक्ष: अखरुज्जमां अंसारी।
🗳️ चुनाव आयोग की चौखट पर जंग
ऋतब्रत बनर्जी ने साफ किया कि वे इन फैसलों की औपचारिक जानकारी चुनाव आयोग को देंगे। उन्होंने कहा, “यह असली या नकली का सवाल नहीं है। हमने नियमों के मुताबिक विशेष सत्र आयोजित किया है। अब सही और गलत का निर्णय चुनाव आयोग करेगा।”
📊 विधानसभा चुनाव की हार के बाद गहराया संकट
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने TMC के अंदर असंतोष की आग को और भड़का दिया है। पार्टी के 80 में से 58 विधायकों का ऋतब्रत बनर्जी के प्रति समर्थन और संसद में सांसदों द्वारा NDA को समर्थन देना यह स्पष्ट करता है कि ममता बनर्जी के लिए पार्टी को एकजुट रखना अब बेहद कठिन हो गया है।