ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...

Deoria Teacher Suicide Case: 25 हजार का इनामी लिपिक संजीव सिंह ने किया सरेंडर; शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने का है आरोप

देवरिया: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में आखिरकार न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा है। चार महीनों से फरार चल रहे आरोपी लिपिक संजीव सिंह ने पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते शनिवार (20 जून 2026) को अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में देवरिया की पूर्व बीएसए (BSA) शालिनी श्रीवास्तव और एक रिटायर्ड प्रिंसिपल पहले ही सलाखों के पीछे हैं।

📂 घूसखोरी और प्रताड़ना का सिलसिला

कुशीनगर निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह को 2022 में बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट से बहाली का आदेश मिलने के बाद भी देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नियमों का पालन नहीं किया। आरोप है कि तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह ने बहाली व बकाया वेतन जारी करने के नाम पर शिक्षक से 16 लाख रुपये की घूस मांगी थी। कर्ज लेकर और गहने बेचकर रकम देने के बाद भी बाबू और अधिकारी लगातार और पैसों की मांग कर रहे थे, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से टूट गए थे।

📹 सुसाइड नोट और वीडियो में खुला भ्रष्टाचार का सच

शिक्षक ने गोरखपुर स्थित अपने आवास पर जान देने से पहले एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने देवरिया बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्ट तंत्र को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा, उनकी जेब से मिले 4 पन्नों के सुसाइड नोट ने विभाग के काले कारनामों की पोल खोल दी थी, जिसमें तत्कालीन बीएसए और लिपिक के नाम सीधे तौर पर शामिल थे।

🚔 पुलिस का शिकंजा और गिरफ्तारी

मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर 22 फरवरी 2026 को गोरखपुर के गुलहरिया थाने में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पूर्व बीएसए और रिटायर्ड प्रिंसिपल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई जिलों में छापेमारी की और उस पर 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अंततः पुलिस के चौतरफा दबाव के आगे आरोपी को कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा।