ब्रेकिंग
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ... PM मोदी ने की CWG 2026 पदक विजेताओं की अगवानी: 7 LKM में खिलाड़ियों से मुलाकात, दिया "जो खेलेगा, वो ... मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई का होटल कारोबारियों ने किया समर्थन: बोले— 'ग्राहकों की सेहत से समझौता... दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर हंगामे के आसार सिद्धार्थनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ₹311 करोड़ की 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्... सीएजी रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बोला तीखा ... प्रयागराज में राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' सभा, केंद्र सरकार, पीएम मोदी और अमित शाह पर बोला तीखा... पूर्णिया में कोहराम: दो हादसों में 5 बच्चों की डूबने से मौत, कसबा में 3 सगे भाई और बायसी में 2 चचेरी... हवा में 300 फीट नीचे गिरी एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट: पायलटों पर DGCA का एक्शन, साइकोएक्टिव ट...

Ujjain Power Department Negligence: उज्जैन में बिजली खंभे में करंट उतरने से 8 बकरों की मौत; विभाग की लापरवाही पर फूटा गुस्सा

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। जूना सोमवारिया क्षेत्र में शनिवार शाम बारिश के दौरान एक बिजली के खंभे में अचानक करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से आठ बकरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

🐐 कैसे हुआ हादसा?

शनिवार शाम जब कुछ चरवाहे बकरों के झुंड को चराकर घर लौट रहे थे, तभी वे क्षेत्र में स्थित एक बिजली के खंभे के पास पहुंचे। खंभे में पहले से ही करंट फैला हुआ था, जिसकी जानकारी न तो चरवाहों को थी और न ही स्थानीय लोगों को। झुंड के खंभे के पास पहुंचते ही बकरे करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से अन्य बकरों को बचाया जा सका, लेकिन तब तक 8 बकरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

😡 स्थानीय लोगों का विभाग पर गंभीर आरोप

घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय पार्षद इमरान खान और आक्रोशित निवासियों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए विभाग को कई बार शिकायतें दी गई थीं। पार्षद ने कहा, “बकरों के मालिक अत्यंत गरीब हैं और मजदूरी कर अपना परिवार पालते हैं। इस हादसे से उन पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है।” उन्होंने सरकार से पीड़ितों को तत्काल उचित मुआवजा देने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

🚨 पुलिस और प्रशासन का रुख

घटना की सूचना मिलते ही जीवाजीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पहले की गई शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। यह घटना न केवल विभाग के रखरखाव पर सवाल उठाती है, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता का बड़ा विषय बन गई है।