ब्रेकिंग
सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो... सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट की नई पहल: अग्निवीरों के लिए शुरू होगा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स, न... भोपाल में 80 हजार दुकानों पर मंडराया संकट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 5 लाख लोगों का रोजगार खतरे में; ... सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... कांवड़ सेवा से समाज में सेवा, संस्कार और सहयोग की भावना मजबूत होती है : Mukesh Sharma राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ...

Deoghar Housing Scam: अबुवा और पीएम आवास योजना में रिश्वत का खेल; बंदाजोरी पंचायत के ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

देवघर: झारखंड सरकार की ‘अबुवा आवास योजना’ और केंद्र की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का लक्ष्य गरीब परिवारों को पक्का मकान देना है। लेकिन देवघर जिले के सारवां प्रखंड की बंदाजोरी पंचायत से सामने आई शिकायतों ने इन योजनाओं की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर आवास दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने और जरूरतमंदों को दरकिनार करने का आरोप लगाया है।

💰 ग्रामीणों का दर्द: ‘रिश्वत दी, फिर भी आशियाना नहीं’

ग्रामीण मुकेश राय, पप्पू कुमार राय और दरूपति देवी जैसे कई लोगों का आरोप है कि उनसे आवास योजना का लाभ देने के बदले 5 से 20 हजार रुपये तक की मांग की गई। आर्थिक तंगी के बावजूद कई लोगों ने अपनी जमा-पूंजी दी, लेकिन आज भी वे कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ वास्तव में पात्र लोगों के बजाय उन लोगों को मिल रहा है जो धनबल का उपयोग कर रहे हैं।

⚖️ क्या बोले अधिकारी और जनप्रतिनिधि?

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बंदाजोरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शंभू हाजरा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) पीयूष सिंह ने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन यदि साक्ष्य मिले तो सख्त कार्रवाई होगी। डीडीसी ने जिले के सभी बीडीओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमित निरीक्षण करें और आवास चयन की प्रक्रिया में ग्रामसभा के माध्यम से पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

📊 आंकड़ों में आवास योजना की स्थिति

देवघर में आवास योजनाओं के लक्ष्यों और प्राप्ति की स्थिति पर नजर डालें तो अंतर साफ दिखता है:

  • अबुवा आवास योजना (2024-25): 25,389 का लक्ष्य, मात्र 5,095 घरों का निर्माण पूरा।

  • पीएम आवास योजना (2024-25): 19,705 का लक्ष्य, अब तक केवल 4,915 घरों का निर्माण ही संभव हो सका है।