ब्रेकिंग
मुंबई लोकल में भक्ति का अनोखा रंग: चलती ट्रेन में 21 सालों से जारी है भजन, 56 भोग लगाकर मनाया गया जश... बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 दिनों में 60 स्टार होटलों पर छापेमारी; 1 साल पु... अयोध्या राम मंदिर में चंदा विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: CA नरपत डुकिया बने प्रबंधन प्रमुख, CE... कोलंबिया में विनाशकारी भूकंप से तबाही: 132 की मौत, बोगोटा से वेनेजुएला तक कांपी धरती; जापान में भी आ... छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज 'झारखंड बंद': राज्य भर में सुरक्षा सख्त, निजी स्कूल बंद; बीजेपी... JPSC पेपर लीक मामला: CID ने पूर्व अध्यक्ष खियांगते को लिया हिरासत में, 17वें दिन भी छात्रों का प्रदर... दिल्ली विधानसभा में पेश 2024-25 की CAG रिपोर्ट: सब्सिडी में 172% की बढ़ोतरी, घटकर 3,695 करोड़ हुआ कै... जयपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: डीप-टेक रोबोटिक कंपनी से सीक्रेट कोडिंग और LiDAR सेंसर च... पेपर लीक के 'Proceeds of Crime' की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो... केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले— "राहुल हर दिन बदलते हैं गोलपोस्ट, फैला...

Health Department Chhindwara: आउटसोर्स कर्मचारियों को जल्द मिलेगा बकाया वेतन; एजेंसी की लापरवाही पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान

छिंदवाड़ा: जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले 3 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया था। इस भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने अंततः आंदोलन का रास्ता चुना और सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया। सांसद बंटी विवेक साहू के हस्तक्षेप और कर्मचारियों के विरोध के बाद कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रात में ही अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।

⚖️ कलेक्टर की सख्त कार्रवाई और निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने बैठक में स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा समय पर बजट जारी करने के बावजूद एजेंसी का वेतन न देना घोर लापरवाही है। सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाने ने बताया कि संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और अविलंब कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

🔍 ‘वेतन चोरी’ और एरियर की समस्या

असंगठित कामगार संघ के नेता वासुदेव शर्मा ने बताया कि अप्रैल 2024 में वेतन बढ़ोतरी के बावजूद कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशों के बाद भी एरियर का भुगतान नहीं किया गया। कर्मचारियों की यह भी मांग है कि वेतन नकद देने के बजाय सीधे बैंक खाते में समय पर (प्रत्येक माह की 7 तारीख को) भेजा जाए। इसके अलावा पीएफ (PF) और ईएसआईसी (ESIC) जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ न मिलना भी कर्मचारियों के आक्रोश का बड़ा कारण बना हुआ है।

⚙️ कैसे काम करता है आउटसोर्स सिस्टम?

स्वास्थ्य विभाग में हाउसकीपिंग, सुरक्षा गार्ड और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कार्यों के लिए सरकार टेंडर के जरिए निजी एजेंसियों (वेंडर) को जिम्मेदारी सौंपती है। नियमानुसार, विभाग एजेंसी को भुगतान करता है और एजेंसी का कर्तव्य है कि वह निर्धारित मापदंडों के अनुसार कर्मचारियों को समय पर वेतन वितरित करे। छिंदवाड़ा मामले में एजेंसी की इसी जिम्मेदारी में कोताही के कारण पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है।