Chhattisgarh Electricity Protest: कांकेर में कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला; बिजली दरों में 5वीं बार बढ़ोतरी के खिलाफ मोर्चा
कांकेर: छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में हो रही निरंतर बढ़ोतरी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांकेर के राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मानपुर-मोहला विधायक इंद्रशाह मंडावी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आम जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए एक बड़ा आर्थिक संकट बताया है।
📊 पांचवीं बार बढ़ी बिजली दरें
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में अब तक 5 बार बिजली महंगी की जा चुकी है। ताजा वृद्धि के तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं पर 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है। विधायक मंडावी ने कहा कि सरकार राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
📉 बिलों में विसंगति और ‘स्मार्ट’ मीटर की गड़बड़ियां
कांग्रेस ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
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अत्यधिक बिल: उपभोक्ताओं को सामान्य से 3 से 4 गुना अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं।
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लोड क्षमता: बिना अनुमति के उपभोक्ताओं का ‘कनेक्शन लोड’ बढ़ाया जा रहा है।
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ऑनलाइन-ऑफलाइन अंतर: बिलों की राशि में भिन्नता होने से उपभोक्ता भ्रमित हैं।
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स्मार्ट मीटर: वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज करने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
📢 कांग्रेस की चेतावनी
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ‘बिजली बिल हाफ’ योजना बंद होने और लगातार बढ़ती दरों से आम जनता की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए और बढ़े हुए बिजली बिलों को वापस लेकर जनता को राहत प्रदान की जाए।