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Amritsar News: जलियांवाला बाग सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ का भारी संकट; 94 में से 19 पद खाली, मरीजों को हो रही परेशानी

अमृतसर: जलियांवाला बाग मैमोरियल सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। 200 बेड वाले इस जिला स्तरीय अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते न केवल मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, बल्कि मौजूदा नर्सों पर भी काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है।

📉 20 प्रतिशत पदों पर नहीं है स्टाफ

अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के कुल 94 पद मंजूर हैं, जिनमें से 19 पद रिक्त पड़े हैं। यानी अस्पताल लगभग 20 प्रतिशत स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। रही-सही कसर तब पूरी हो गई जब लगभग 10 नर्सों को डेपुटेशन पर अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भेज दिया गया। अब केवल 75 नर्सों के भरोसे अस्पताल की पूरी ड्यूटी व्यवस्था टिकी है, जिसके चलते एक ही नर्स को एक साथ कई वार्डों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है।

🚨 इमरजेंसी और ICU सेवाओं पर सीधा असर

स्टाफ की इस कमी का सबसे घातक असर इमरजेंसी वार्ड, आई.सी.यू. (ICU) और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में देखने को मिल रहा है। इन विभागों में उच्च प्रशिक्षित और अनुभवी स्टाफ की निरंतर उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समय पर उचित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

👨‍👩‍👧‍👦 मरीजों और परिजनों की बढ़ती मुश्किलें

दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब मरीजों के लिए यह अस्पताल बड़ा सहारा है, लेकिन स्टाफ की कमी से वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि एक नर्स पर कई मरीजों की जिम्मेदारी होने से देखभाल में चूक की संभावना बढ़ जाती है।

📝 सरकार से जल्द भर्ती की मांग

अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को एक मांग पत्र भेजा है। इसमें रिक्त पदों पर नर्सिंग स्टाफ की तुरंत भर्ती करने और डेपुटेशन नीति की समीक्षा करने की पुरजोर मांग की गई है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।