चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई ‘हाई पावर्ड परचेज कमेटी’ की बैठक में प्रदेश के विकास को गति देने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने 1468.25 करोड़ रुपये की लागत से 32 प्रमुख विकास कार्यों को स्वीकृति दी है, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और आम नागरिकों को मिलेगा।
🌾 किसानों के लिए आधुनिक लैब और प्राकृतिक खेती
किसानों की आय बढ़ाने और खेती को वैज्ञानिक बनाने की दिशा में सरकार ने 52 अत्याधुनिक ‘स्टेटिकल कृषि लैब’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन लैबों में मिट्टी में नाइट्रोजन और उर्वरकों की सही मात्रा की जांच की जाएगी, जिससे सालाना 12 लाख किसानों को लाभ होगा। इसके साथ ही, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश स्तर पर एक व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा।
🖥️ डिजिटल होगा राजस्व विभाग
राजस्व संबंधी विवादों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे के लिए 9 करोड़ रुपये की लागत से ‘राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम’ को मंजूरी दी गई है। अब जमीन के बंटवारे और इंतकाल जैसे मामले डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध तरीके से सुलझाए जा सकेंगे।
🏗️ इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास
बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत सूची को मंजूरी दी गई, जिसमें प्रमुख हैं:
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शिक्षा व स्वास्थ्य: कुरुक्षेत्र में 76.60 करोड़ की लागत से ‘गुरु रविदास भवन एवं म्यूजियम’ और श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय में 465 करोड़ का ‘आयुष अस्पताल’।
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सिंचाई व पेयजल: कौशल्या डैम (पंचकूला) का पक्का निर्माण, हिसार एयरपोर्ट के लिए जलापूर्ति व्यवस्था और सिरसा-अंबाला में नए जल एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट।
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शहरी व औद्योगिक: गुरुग्राम, बावल, कुंडली, गन्नौर, जींद और रेवाड़ी सहित कई जिलों में सड़क, बिजली और औद्योगिक आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के कार्य।