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CM Yogi Adityanath: यूपी में मोहर्रम की तैयारियों की समीक्षा; ताजिया की ऊंचाई और सुरक्षा पर बड़ा फैसला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम को लेकर प्रदेश भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सख्त निर्देश जारी किए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए सीएम ने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम मातम का अवसर है, इसे किसी भी प्रकार के ‘शक्ति प्रदर्शन’ का जरिया न बनने दिया जाए।

⚔️ अस्त्र-शस्त्र और डीजे पर प्रभावी नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मोहर्रम के जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कानफोड़ू डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित प्रयोग पर भी पूर्ण नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नई परंपरा की शुरुआत को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

📏 ताजिया की ऊंचाई के लिए निर्धारित मानक

किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना से बचाव के लिए प्रशासन ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर मानक तय कर दिए हैं। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि 10-12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न दी जाए। सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर शांति समितियों के साथ संवाद स्थापित करें।

☪️ मोहर्रम का आध्यात्मिक महत्व

मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला और अत्यंत पवित्र महीना है। यह महीना इमाम हुसैन की शहादत की याद में गम के तौर पर मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के चार पाक महीनों में से एक होने के नाते, शिया समुदाय के लोग इसे पूरी सादगी और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इसी महीने से इस्लामिक नए साल (हिजरी) की शुरुआत भी होती है।