Kabirdham News: कबीरधाम के धान उपार्जन केंद्रों में बड़ा घोटाला, रिकॉर्ड में हजारों क्विंटल धान गायब
कबीरधाम जिले के कई धान उपार्जन केंद्रों में दर्ज स्टॉक और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिन केंद्रों पर कुछ महीने पहले तक धान की बोरियों के ढेर लगे होते थे, वहां अब अधिकांश स्थानों पर एक भी बोरा नजर नहीं आ रहा है। इसके बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में अभी भी हजारों क्विंटल धान का उठाव लंबित दिखाया जा रहा है।
🔍 ईटीवी भारत की पड़ताल में खुला राज
ईटीवी भारत की टीम ने सूरजपुर, पेंड्रीकला, जुनवानी, रणवीरपुर, ऊसरवाही, समनापुर, तरेतगांव, कोदवागोड़ान और धरमगढ़ सहित कई उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश केंद्र खाली मिले, जबकि दस्तावेजों में करीब 70 हजार क्विंटल धान का उठाव शेष दर्ज है। रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में यह भारी अंतर बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।
📋 कलेक्टर के निर्देश और खाद्य विभाग की सफाई
जिला प्रशासन ने मई माह के अंत तक धान उठाव की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय किया था, जिसके लिए समीक्षा बैठकें भी हुई थीं। दूसरी ओर, खाद्य विभाग का दावा है कि धान उठाव की प्रक्रिया जारी है। विभाग का कहना है कि जिन केंद्रों में भौतिक सत्यापन के दौरान स्टॉक में कमी पाई गई है, उन्हें कमी की भरपाई करने का मौका दिया गया है। तय समय में स्टॉक पूरा न होने पर केंद्र प्रभारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
⚖️ विपक्ष ने लगाए भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोप
विपक्ष ने इस मामले में अधिकारियों पर सीधा निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि उपार्जन केंद्र प्रभारियों को उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है और दोनों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है।
🧐 प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें
जिले में यह मामला किसानों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा की जा रही जांच और भविष्य में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या वाकई यह केवल उठाव की देरी है या फिर बड़ा घोटाला? यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।