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Mamata Banerjee Silence: क्या इंडिया गठबंधन में कमजोर हुई ममता की पकड़? प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखीं ‘नरम’

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मिली हार और पार्टी में बढ़ती टूट के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी की सियासी धमक पर असर पड़ता दिख रहा है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी का व्यवहार और उनकी खामोशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। करीब साढ़े सात मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केवल दो शब्द—’एट्रोसिटी’ और ‘वर्चुअली’—बोलकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

📉 ममता की घटती हैसियत और पार्टी में टूट

बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद TMC के भीतर बिखराव साफ नजर आ रहा है। टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अलग गुट बनाने का दावा किया है। जब ममता खुद दिल्ली में गठबंधन की बैठक में व्यस्त थीं, तब उनकी संसदीय दल में यह दरार उनकी गिरती पकड़ का स्पष्ट संकेत देती है। कभी गठबंधन में ‘वोकल’ रहने वाली ममता इस बार बेहद संयमित और नरम दिखाई दीं।

🗣️ गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ?

ममता बनर्जी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दाईं ओर बैठी थीं, लेकिन पूरे समय वे चुप रहीं। बैठक में 25 पार्टियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • चीफ जस्टिस को ‘SIR’ (शिक्षा मंत्री) मामले में पत्र भेजने का निर्णय।

  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।

  • बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर ऑल-पार्टी मीटिंग की मांग।

  • मानसून सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं की नियमित समन्वय बैठकें।

⚠️ बंगाल में ‘जबरदस्ती’ हार का दावा

ममता ने बैठक के भीतर यह जरूर कहा कि बंगाल में तृणमूल को जबरदस्ती हराया गया है और उन्होंने चेतावनी दी कि “बंगाल में जो हुआ, वह अन्य राज्यों में भी दोहराया जाएगा।” गठबंधन की बैठक समाप्त होते ही पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना वे सबसे पहले बाहर निकल गईं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता का यह नरम रुख उनकी बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन के भीतर बदलती उनकी हैसियत को दर्शाता है।