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Indore BRICS Summit 2026: इंदौर में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बड़ी बैठक; खेती और किसानों के भविष्य का बनेगा रोडमैप

इंदौर/भोपाल: मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र बनने जा रहा है। मंगलवार से यहां ब्रिक्स (BRICS) देशों के कृषि मंत्रियों और विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो रही है। इस सम्मेलन में लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे कृषि क्षेत्र के भविष्य के लिए एक ‘साझा वैश्विक रोडमैप’ तैयार करने का अवसर बताया है।

👩‍🌾 छोटे और सीमांत किसान रहेंगे केंद्र में

शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन की मुख्य प्राथमिकता लघु और सीमांत किसानों को सशक्त बनाना है। बैठक में आधुनिक कृषि तकनीकों, ऋण की सुगम उपलब्धता और वैश्विक बाजारों तक छोटे किसानों की पहुंच सुनिश्चित करने पर गहन मंथन होगा। लक्ष्य है—उत्पादन बढ़ाना और खेती की लागत को प्रभावी ढंग से कम करना।

🌍 खाद्य सुरक्षा और पोषण पर वैश्विक चिंता

तेजी से बढ़ती आबादी के बीच पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। कृषि मंत्रियों की यह बैठक केवल खाद्यान्न उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम जनमानस तक ‘सुरक्षित और पोषणयुक्त भोजन’ की आपूर्ति पर भी केंद्रित होगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने के व्यावहारिक उपायों पर विचार किया जाएगा।

🌡️ जलवायु संकट और सतत कृषि (Sustainable Agriculture)

बदलते मौसम, अनियमित बारिश और बढ़ते तापमान के बीच ‘जलवायु अनुकूल कृषि’ (Climate Resilient Agriculture) आज की जरूरत है। बैठक में पुनर्योजी खेती, जल संरक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने के मॉडलों को साझा किया जाएगा, ताकि कृषि को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।

🚀 तकनीक, महिला और युवाओं की भागीदारी

कृषि क्षेत्र को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए दो प्रमुख आयामों पर विशेष जोर है:

  • महिला सशक्तिकरण: महिला किसानों को उन्नत उपकरणों और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से जोड़ना।

  • युवा आकर्षण: एग्री-टेक स्टार्टअप्स और डिजिटल कृषि पद्धतियों के माध्यम से युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करना।

  • वैकल्पिक आय: पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे साधनों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना।