अमृतसर: घल्लूघारा दिवस के मौके पर दल खालसा की तरफ से बुलाए गए अमृतसर बंद का शहर में आज व्यापक और बड़ा असर देखने को मिला। दल खालसा के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर के ऐतिहासिक हॉल गेट बाजार में शांतिपूर्ण मार्च निकाला और स्थानीय दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद रखकर इस शोक में भागीदार बनने की अपील की। हालांकि, इस दौरान बाजार की ज्यादातर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान दल खालसा की अपील के मद्देनजर पहले से ही बंद थे। दल खालसा के वरिष्ठ नेता परमजीत सिंह ने संबोधन के दौरान कहा कि 1984 के घल्लूघारा के गहरे जख्म आज भी सिख समुदाय के दिलों में पूरी तरह ताजा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख समुदाय ने उस भयावह घटना के गुनहगारों को अभी तक माफ नहीं किया है और हर साल पूरी दुनिया में सिख समुदाय इस घटना को याद करके अपना दर्द बयां करता है।
🕯️ शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए बंद का आह्वान: मेडिकल और इमरजेंसी सेवाएं रहीं चालू, व्यापारियों ने दिया पूरा सहयोग
दल खालसा नेता परमजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दल खालसा की परंपरा के अनुसार हर साल 5 जून को रोष मार्च निकाला जाता है और 6 जून को अमृतसर बंद का आह्वान किया जाता है, ताकि 1984 के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सके। परमजीत सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों से निजी तौर पर संपर्क कर इस दुख की घड़ी में भागीदार बनने की अपील की जा रही थी। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि हर साल की तरह इस बार भी शहर के लोगों और व्यापारियों ने बंद को अपना पूरा नैतिक सहयोग दिया है, जिसके लिए संगठन उनका आभारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम जनता की सुविधा के लिए मेडिकल स्टोर, अस्पताल और सभी आवश्यक इमरजेंसी सेवाओं को इस बंद से पूरी तरह बाहर रखा गया था, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
📜 अकाल तख्त साहिब के संदेश पर एकजुटता की अपील: पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद, शहर में शांतिपूर्ण रहा माहौल
श्री अकाल तख्त साहिब से जारी धार्मिक संदेश का जिक्र करते हुए परमजीत सिंह ने कहा कि जत्थेदार साहब ने अपने संबोधन में शहीदों को याद करने के साथ-साथ वर्तमान में पंथ के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला है और समस्त सिख समुदाय से एकजुट होकर उनका सामना करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दल खालसा के आज के कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी भी तरह का शोर-शराबा या भड़काऊ नारेबाजी नहीं हुई। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि कोई शरारती तत्व स्थिति का फायदा उठाकर माहौल खराब न कर सके। शहर के हर चौक-चौराहे पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी गई और कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही।