Nawanshahr Administration: नवांशहर में ओवरलोड गाड़ियों पर लगी तुरंत पाबंदी; DM गुलप्रीत सिंह औलख का बड़ा आदेश
पंजाब के नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर) जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों और पब्लिक सेफ्टी (सार्वजनिक सुरक्षा) को बचाने के लिए प्रशासन ने एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट गुलप्रीत सिंह औलख ने जिले की भौगोलिक सीमाओं के भीतर चलने वाली सभी प्रकार की ओवरलोड गाड़ियों पर तुरंत प्रभाव से पूर्ण पाबंदी लगा दी है. एक सरकारी ऑफिशियल आदेश के मुताबिक, यह पाबंदी भारतीय नागरिक संहिता (BNS), 2023 की धारा 163 और मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत कानूनी रूप से लागू की गई है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सड़कों की डिजाइन की गई लोड ले जाने की निर्धारित सीमा (आरटीओ नियमों) से ज्यादा वजन वाली किसी भी कमर्शियल गाड़ी को जिले में प्रवेश करने या चलने की इजाजत बिल्कुल नहीं होगी.
👮 एस.एस.पी. और आर.टी.ए. को मिले सख्त निर्देश: जगह-जगह लगेंगे पुलिस चेकपॉइंट, गाड़ियां होंगी इंपाउंड
इस नए प्रशासनिक आदेश को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू करने के लिए जिले के एस.एस.पी. (SSP) और आर.टी.ए. (RTA), एस.बी.एस. नगर को विशेष कमान सौंपी गई है. पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के एंट्री पॉइंट और मुख्य मार्गों पर तुरंत विशेष पुलिस चेकपॉइंट (नाके) स्थापित करें. नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरलोड वाहनों के भारी-भरकम चालान काटने, गाड़ियों को मौके पर ही इंपाउंड (जब्त) करने और उनके मालिकों व ड्राइवरों पर कानूनी केस चलाने का सख्त आदेश दिया गया है ताकि कोई भी कानून से खिलवाड़ न कर सके.
🌊 सतलुज नदी के धुस्सी डैम पर भारी वाहनों की ‘नो-एंट्री’: मानसून से पहले कमजोर बांध को मजबूत करने का काम शुरू
इसके अलावा, ड्रेनेज-कम-माइनिंग एंड जियोलॉजी डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सतलुज नदी के बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील धुस्सी बांध (Dhussi Dam) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के विशेष आदेश दिए गए हैं. बांध की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए तय लिमिट से ज्यादा भारी और ओवरलोड गाड़ियों की आवाजाही पर यहाँ पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. संबंधित माइनिंग और ड्रेनेज डिपार्टमेंट को मानसून सीजन शुरू होने से पहले ही बांध के सभी चिन्हित कमजोर हिस्सों को युद्धस्तर पर मजबूत करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है ताकि बाढ़ जैसी किसी भी अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा से जिले को सुरक्षित रखा जा सके.