ब्रेकिंग
Supreme Court AI Draft 2026: भारतीय अदालतों में AI के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट का पहला ड्राफ्ट; जनत... West Bengal Political Crisis: तृणमूल कांग्रेस में महा-विस्फोट! 58 विधायकों के बाद अब TMC के 18 सांसद... Maharashtra Maratha Reservation: महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला; मराठा समाज को अब OBC की त... Delhi Hotel Fire Action: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद MCD का महा-एक्शन; हौजखास, हौज रानी और साकेत में... Mathura Police Controvery: 'रातभर थानों के चक्कर कटवाती रही पुलिस'—वृंदावन में ई-रिक्शा चालक सामान ल... Uttarkashi Tourism News: उत्तरकाशी में ट्रेकर के लापता होने पर गाइड और मैनेजर हिरासत में; ट्रेकिंग ए... Delhi Namo Oxygen Park: दिल्ली को मिला बड़ा तोहफा; सीएम रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव... Noida Fire Department: सेक्टर-75 के हादसे के बाद एक्शन; 22 हजार लीटर का वाटर बाउजर और 72 मीटर का हाइ... Delhi Government Big Decision: दिल्ली में प्रशासनिक फेरबदल; लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर अब सीधे एक... Ghaziabad Crime: गाजियाबाद के मुरादनगर थाने में युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास; पुलिसकर्मियों ने बचा...

Richest CM in India: भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री कौन? डीके शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू के पास है अरबों की संपत्ति

देश की राजनीति में अक्सर राजनेताओं की संपत्ति और उनके वित्तीय स्रोत आम जनता के बीच बड़ी चर्चा का विषय बनते हैं. हाल ही में कर्नाटक के प्रमुख राजनेता डीके शिवकुमार की संपत्ति को लेकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हुई है. आधिकारिक चुनावी हलफनामे (Affidavit) के अनुसार, कर्नाटक के नेता डीके शिवकुमार की कुल संपत्ति 1400 करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है. हालांकि, भारत के कई अन्य मुख्यमंत्री भी अपनी करोड़ों की अचल संपत्ति और निवेश के कारण अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. विभिन्न चुनावों के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्रों में दी गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर हम आपको देश के कुछ सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.

💼 आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू: 931 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में प्रमुखता से गिने जाते हैं. उनके द्वारा दाखिल किए गए नवीनतम चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति 931 करोड़ रुपये से अधिक है. देश भर के विभिन्न हिस्सों में फैला उनका रियल एस्टेट कारोबार, पारिवारिक बिजनेस में बड़ा निवेश और अन्य कीमती परिसंपत्तियों के कारण उनकी नेटवर्थ हमेशा वित्तीय विश्लेषकों के बीच चर्चा में रहती है.

🎬 फिल्मों से करोड़ों की कमाई: तमिलनाडु के सीएम चंद्रशेखरन जोसेफ विजय के पास 603 करोड़ की संपत्ति

डीके शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू के बाद अगर देश में कोई सबसे धनी मुख्यमंत्री की सूची में शीर्ष पर आता है, तो वो हैं तमिलनाडु के सीएम चंद्रशेखरन जोसेफ विजय. आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 603 करोड़ रुपये है. आपको बता दें कि चंद्रशेखरन जोसेफ विजय की बंपर कमाई का मुख्य जरिया सिनेमा (फिल्में) और उनकी व्यावसायिक हिस्सेदारी रही है, जिसने उन्हें देश के सबसे अमीर राजनेताओं में से एक बना दिया है.

🏔️ पूर्वोत्तर के सबसे अमीर सीएम: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के पास है 332 करोड़ का साम्राज्य

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी अच्छे-खासे रसूखदार और अमीर राजनेता हैं. उनके द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल नेटवर्थ 332 करोड़ रुपये दर्ज है. राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय पेमा खांडू का नाम अक्सर देश के सबसे अधिक व्यक्तिगत संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों की टॉप लिस्ट में सम्मान के साथ शामिल किया जाता है.

🌾 नेफियू रियो और डॉ. मोहन यादव: करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं दोनों मुख्यमंत्री

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो भी देश के धनी मुख्यमंत्रियों की श्रेणी में आते हैं. साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनके द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 46.95 करोड़ रुपये है. इसके ठीक बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम इस सूची में आता है. उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 42 करोड़ रुपये बताई जाती है. यह पूरी संपत्ति उनके चुनावी शपथ पत्र में दर्ज चल-अचल संपत्तियों, विभिन्न बैंकों में जमा राशि, शेयर निवेश तथा पारिवारिक व्यावसायिक हितों को मिलाकर आंकी गई है.

📜 चुनावी हलफनामा ही खोलता है राजनेताओं की संपत्ति का राज, पारदर्शिता के लिए है जरूरी

भारत में मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों की वास्तविक संपत्ति का पूरा विवरण चुनाव लड़ने के दौरान नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए जाने वाले कानूनी शपथ पत्रों (Affidavits) से सार्वजनिक होता है. इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों में नेताओं की चल संपत्ति (जैसे कैश, गाड़ियां, सोना), अचल संपत्ति (जमीन, मकान), बैंक जमा, शेयर बाजार में निवेश और उनके ऊपर बकाया देनदारियों (लोन) की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से शामिल होती है. यही वजह है कि जब भी देश में चुनाव होते हैं, तब समय-समय पर सबसे अमीर नेताओं और मुख्यमंत्रियों की यह सूची मीडिया और जनता के बीच भारी कौतूहल का विषय बन जाती है.