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Khairagarh Bypass News: जिला बनने के बाद भी अधूरा खैरागढ़ बाईपास; शहर के बीच से गुजरते भारी वाहन, बढ़ रहा हादसों का खतरा

छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला खैरागढ़ इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। विशेषकर शहर की यातायात व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। करीब 12 वर्ष पूर्व शुरू हुआ बाईपास निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। जिला बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ शहर का ढांचागत विकास भी तेजी से होगा, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी वही है।

🚛 शहर के बीच से गुजरते भारी वाहनों का खौफ

डोंगरगढ़ से कवर्धा, बिलासपुर और राजनांदगांव की ओर जाने वाले हेवी वाहन शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हैं। खैरागढ़ में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय होने के कारण यहां छात्रों और नागरिकों की भारी भीड़ रहती है। भारी वाहनों की आवाजाही से न केवल जाम की स्थिति बनती है, बल्कि आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है, फिर भी स्थायी समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिलते हैं।

⚖️ बाईपास पर हावी राजनीति

यातायात पुलिस के चालानी अभियानों से समस्या हल नहीं हो रही है। नागरिकों का मानना है कि जब तक वैकल्पिक मार्ग (बाईपास) तैयार नहीं होगा, तब तक दुर्घटनाओं का सिलसिला नहीं थमेगा। दुखद यह है कि इस गंभीर जनसमस्या पर भी राजनीतिक बयानबाजी हावी है। कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर निर्माण में देरी का आरोप मढ़ रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि वर्षों से अधूरा पड़ा बाईपास आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है।

📢 प्रशासन से तत्काल पहल की मांग

स्थानीय नागरिक आकिब बेग और अन्य लोगों ने सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिला मुख्यालय का दर्जा मिलने के बावजूद खैरागढ़ की यातायात व्यवस्था का दबाव में रहना चिंता का विषय है। यदि समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।

संपादकीय टिप्पणी: बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का वर्षों तक लंबित रहना सीधे तौर पर जन-जीवन को प्रभावित करता है। क्या आपको लगता है कि बड़ी परियोजनाओं में देरी के लिए जवाबदेही तय करने हेतु कोई सख्त प्रशासनिक तंत्र होना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।