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Hasdeo Forest Issue: पलारी चुनाव में हसदेव जंगल बना बड़ा सियासी मुद्दा; मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर साधा निशाना

हसदेव के जंगल, जिसे ‘मध्य भारत का फेफड़ा’ कहा जाता है, एक बार फिर चुनावी चर्चाओं के केंद्र में है। पलारी नगर पंचायत चुनाव के मद्देनजर, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पर जोरदार जुबानी हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर विपक्ष के पास कोई ठोस आधार नहीं है और वे केवल जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

⚔️ ‘कांग्रेस पहले अपना घर संभाले’: मंत्री का तंज

चुनाव प्रचार के दौरान वार्ड क्रमांक 3 और 15 में जनसंपर्क करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि जो पार्टी खुद आंतरिक कलह और विवादों से जूझ रही है, उसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति करने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि पहले उन्हें अपने भीतर चल रहे मतभेदों को सुलझाना चाहिए, उसके बाद ही उन्हें जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए।

🗳️ प्रचार के आखिरी दिन दिखा चुनावी उत्साह

पलारी नगर पंचायत चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आज पूरे नगर में मंत्रियों और दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। चुनावी रण को जीतने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अंतिम दिन मतदाताओं को रिझाने के लिए कहीं पारंपरिक नाच-गाने तो कहीं क्षेत्रीय संगीत के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन किया गया। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए बीजेपी ने विशेष रूप से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को कमान सौंपकर अपनी रणनीति को मजबूत करने का प्रयास किया है।

संपादकीय टिप्पणी: हसदेव का विषय छत्तीसगढ़ की पर्यावरण नीति और राजनीति दोनों के लिए अत्यंत संवेदनशील है। क्या आपको लगता है कि स्थानीय निकायों के चुनाव में राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणीय मुद्दों का असर मतदाताओं पर पड़ता है? अपने विचार नीचे साझा करें।