ब्रेकिंग
Vishnu Deo Sai Government: सुदूर अंचलों में आसान हुआ सफर, दूसरे चरण में 8 नए जिलों तक होगा बस योजना ... Birsa Munda Stadium Ranchi: राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने किया उद्घाटन, स्कूली बच्चों में दिखा ज... Dr. Irfan Ansari Statement: 6 अक्टूबर को होगी अहम बैठक, राज्य के 25 हजार से अधिक डीलरों की समस्याओं ... Jharkhand Congress News: रिनपास के प्रभारी निदेशक और भ्रष्टाचार के खिलाफ रांची में प्रदर्शन, उच्चस्त... Jharkhand Police Update: लंबित मामलों के निष्पादन और फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए आईजी का कड... Barwadda Police & Fire Brigade: शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका, दमकल टीम ने पाया काबू; जांच जारी Giridih News: उसरी नदी से मिला लापता शुभम कुमार साव का क्षत-विक्षत शव, पीएमसीएच भेजा गया पोस्टमार्टम... Ranchi News: घायल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए राजधानी के हनुमान मंदिर मे... Gwalior News Today: मनचलों और शराबियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छात्राओं और कामकाजी महिलाओं ने ली ... Saran Triple Murder: अस्पताल में भी चले हथियार; पुरानी रंजिश में गई 3 जानें, एक की हालत गंभीर

Pune Porsche Case: जमानत के बाद आरोपी के परिवार का डांस और जश्न, पीड़िता अश्विनी कोष्टा के पिता ने कहा- ‘मर चुकी है मानवता’

पुणे: पुणे पोर्श कांड एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आरोपी के परिवार का एक वायरल वीडियो है। वीडियो में आरोपी के परिवार को जश्न मनाते, डांस करते और आरोपी को नोटों की माला पहनाते हुए देखा गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो आरोपी को जमानत मिलने के बाद का है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है।

💔 पीड़िता के पिता की पीड़ा: ‘यह पीड़ित परिवार और कानून का मजाक है’

हादसे में जान गंवाने वाली जबलपुर की सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी कोष्टा के पिता सुरेश कोष्टा ने इस जश्न को बेहद अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा, “जिस परिवार ने हमारी बेटी की जान ली, वे आज सार्वजनिक रूप से जश्न मनाकर कानून और पीड़ित परिवार का मजाक उड़ा रहे हैं। इनके भीतर न लाज है, न शर्म है और न ही इंसानियत बची है।” सुरेश कोष्टा ने आरोपी विशाल अग्रवाल की जमानत को तुरंत रद्द करने की मांग की है।

⚖️ जुवेनाइल कानून और उम्र निर्धारण पर सवाल

अश्विनी के पिता ने सोशल मीडिया और आधुनिक परिवेश का हवाला देते हुए कहा कि आज के 16 से 18 साल के किशोर सही और गलत का अंतर बखूबी समझते हैं। उन्होंने मांग की है कि जघन्य अपराधों में केवल उम्र के आधार पर आरोपी को राहत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने जुवेनाइल कानून (Juvenile Law) के प्रावधानों पर नए सिरे से विचार करने की बात कही है।

📢 सोशल मीडिया पर आक्रोश

यह वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स आरोपी परिवार को जमकर ट्रोल कर रहे हैं और इसे पीड़ित परिवार की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं। लोग आरोपी पक्ष पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि अपराधियों और उनके समर्थकों में कानून का डर बना रहे। फिलहाल, यह मामला फिर से चर्चा का विषय बन गया है।