ब्रेकिंग
बोकारो के लॉज में पुलिस वर्दी में मिला सड़ा-गला शव: महाराष्ट्र निवासी सुभाष धूमल के रूप में पहचान, म... रामगढ़ में बड़ा हादसा: निजी पावर प्लांट के फर्नेस में जोरदार धमाका, दर्जनभर मजदूर झुलसे, 2 गंभीर हाल... दुर्ग-भिलाई में मानसून का पहला डेंगू केस: सेक्टर-7 में एलाइजा जांच में मरीज पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग... कांकेर में मानव तस्करी का भंडाफोड़: नौकरी का झांसा देकर महिला को MP में ₹50 हजार में बेचा, पुलिस ने ... कांकेर में कोटरी नदी में नाव पलटने से मची अफ़रातफ़री: 12 ग्रामीण बाल-बाल बचे, राशन बह गया धमतरी की वंदना विहार कॉलोनी में धर्मांतरण के आरोप पर हंगामा: हिंदू जागरण मंच का प्रदर्शन, मौके पर पह... मनेन्द्रगढ़ में विवाहिता की मौत बनी पहेली: पैसे की मांग व हत्या के आरोपों के बीच फोरेंसिक टीम व पुलि... बेमेतरा में स्वास्थ्य विभाग में हंगामा: CMHO पर महिला कर्मचारियों से बदसलूकी के गंभीर आरोप, संघ ने ख... धमतरी में गूंजा 'वंदे मातरम्': साइकिल तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, रायपुर से पहुंचे 25 साइकिल सव... बिलासपुर में डिप्टी सीएम अरुण साव की सख्त बैठक: 4 अफसरों को कारण बताओ नोटिस, विकास कार्यों में देरी ...

Punjab Police Crackdown: पंजाब पुलिस का गैंगस्टरों पर बड़ा प्रहार; 529 ठिकानों पर छापेमारी, 269 गिरफ्तार

जालंधर/चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में संगठित अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चल रही निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरों पर वार’ अपने 124वें दिन एक बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गई है। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) के कड़े निर्देशों पर आज राज्य पुलिस की विशेष विंगों और जिला पुलिस टीमों ने पूरे प्रदेश में गैंगस्टरों के सक्रिय सहयोगियों, मददगारों और स्लीपर सेल्स के पहले से चिन्हित और डिजिटल रूप से मैप किए गए कुल 529 ठिकानों पर एक साथ योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी (Mega Raid) की। इस औचक और बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से पूरे राज्य के आपराधिक नेटवर्क और सिंडिकेट में भयंकर खलबली मच गई है।

⛓️ 124वें दिन 11 भगौड़ों (PO) सहित 269 आरोपी गिरफ्तार: अभियान के शुरू होने से अब तक कुल 31,699 गिरफ्तारियां

आधिकारिक मुख्यालय से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, इस विशेष कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के दौरान पुलिस टीमों ने घातक हथियारों की बरामदगी के साथ कुल 269 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ताजा कार्रवाई के साथ ही जब से यह गैंगस्टर विरोधी अभियान शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक कुल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या का आंकड़ा बढ़कर 31,699 तक पहुंच गया है।

इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित खतरों को टालने के लिए 100 आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त एहतियाती कानूनी कार्रवाई (Preventive Action) की गई है, जबकि संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए 16 व्यक्तियों को गहन पूछताछ और वेरिफिकेशन के बाद छोड़ दिया गया। इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने अदालतों द्वारा घोषित किए गए 11 मोस्ट वांटेड भगौड़े अपराधियों (Proclaimed Offenders – P.O.) को भी दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

❄️ ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के 449वें दिन भी बड़ी स्ट्राइक: 72 नशा तस्करों से 30.6 किलो हेरोइन और ड्रग मनी बरामद

इसी राज्यव्यापी महा-ऑपरेशन के दौरान पंजाब पुलिस ने नशों के काले कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए समर्पित अपनी दूसरी मुख्य मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ (War Against Drugs) के 449वें दिन भी अपनी आक्रामक कार्रवाई जारी रखी। नशा विरोधी विंग ने विभिन्न जिलों में नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान 72 कुख्यात नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

सुरक्षा बलों ने इन अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय तस्करों के कब्जे से कुल 30.6 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध हेरोइन (स्मैक), 271 प्रतिबंधित नशीली गोलियां/कैप्सूल और तस्करी के जरिए कमाई गई ₹4,200 की अवैध ड्रग मनी (Drug Money) बरामद की है। इस भारी रिकवरी के बाद स्थानीय पुलिस थानों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नए मामले दर्ज किए गए हैं।

📊 449 दिनों में 65 हजार से अधिक तस्कर सलाखों के पीछे: पुनर्वास उपचार के लिए 13 युवाओं को किया गया प्रेरित

पंजाब पुलिस की इस लंबी और निरंतर चल रही नशा विरोधी मुहिम के तहत जारी आंकड़ों के मुताबिक, केवल 449 दिनों के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल छोटे-बड़े नशा तस्करों की संख्या अब 65,417 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस दंडात्मक कार्रवाई के समानांतर, सामाजिक सरोकार और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग टीमों ने नशे के दलदल में फंसे 13 स्थानीय युवाओं और व्यक्तियों की काउंसलिंग की। पुलिस ने उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उनका जीवन बचाने के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में पुनर्वास उपचार (Rehabilitation Treatment) के लिए स्वेच्छा से आगे आने के लिए प्रेरित भी किया।