रायबरेली क्राइम: अनुशासन के नाम पर बच्चों को दी ‘तालिबानी सजा’, सरेनी पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर शुरू की जांच
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने ही ममता का गला घोंट दिया। जिले के सरेनी थाना क्षेत्र के चिंता खेड़ा गांव में एक महिला द्वारा अपने ही मासूम बेटे और बेटी को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस अमानवीय घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग अपनी गहरी नाराजगी जता रहे हैं।
📹 रहम की भीख मांगते रहे मासूम: मां के गुस्से के आगे ग्रामीणों ने नहीं दिखाई बीच-बचाव की हिम्मत
मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो बीती रात का बताया जा रहा है। आरोप है कि चिंता खेड़ा गांव की रहने वाली विमला नाम की महिला किसी बात को लेकर अपने बच्चों से बेहद नाराज थी। इस नाराजगी में वह इतनी अंधी हो गई कि उसने अपने ही मासूम बेटे और बेटी को घर के बाहर एक खंभे से बांध दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों मासूम बच्चे खंभे से बंधे हुए डर के मारे रोते-बिलख रहे हैं और रहम की भीख मांग रहे हैं, जबकि महिला उन पर लगातार चिल्ला रही है। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के कई ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, लेकिन महिला के गुस्से को देखकर किसी ने भी बच्चों को छुड़ाने की हिम्मत नहीं दिखाई। इसी बीच भीड़ में मौजूद किसी शख्स ने इसका वीडियो बना लिया।
😡 ‘तालिबानी सजा’ पर फूटा गुस्सा: अनुशासन के नाम पर हैवानियत बर्दाश्त नहीं
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोग महिला के इस क्रूर कृत्य की तुलना ‘तालिबानी सजा’ से कर रहे हैं और आरोपी मां के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और समाजशास्त्रियों का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह की हैवानियत किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। अनुशासन सिखाने के नाम पर मासूमों को खंभे से बांधकर प्रताड़ित करना न सिर्फ एक गंभीर अपराध है, बल्कि इससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ताउम्र के लिए गहरा और बुरा असर पड़ सकता है।
👮 पुलिस ने लिया स्वतः संज्ञान: जांच के लिए गांव पहुंचेगी टीम, आरोपी महिला पर होगी सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए सरेनी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस ने वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले वीडियो की तकनीकी सत्यता की जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस की एक विशेष टीम बच्चों के बयान दर्ज करने और चश्मदीद ग्रामीणों से पूछताछ करने के लिए गांव का दौरा करेगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम और अन्य सख्त विधिक धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है।