ब्रेकिंग
Jalandhar Crime: जालंधर के कबीर नगर में दो गुटों में खूनी संघर्ष, जमकर चले ईंट-पत्थर और गोलियां Patiala Central Jail: पटियाला पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन, फरार कैदियों की तलाश में CIA की छापेमारी Amritsar News: अमृतसर में अवैध कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, ADA ने वडाला भिट्टेवड्ड में की बड़ी कार्र... Punjab Haryana High Court: बैंक खाता फ्रीज करने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी बैंकिंग नहीं रोक सकत... Punjab Weather Alert: पंजाब के 6 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी, बारिश और तूफान की चेतावनी Jalandhar Power Cut: जालंधर के इन इलाकों में 16 मई को रहेगा पावर कट, देखें पूरी लिस्ट Jalandhar News: 'फर्जी सनातनियों' के मंसूबे ध्वस्त, बालाजी महाराज के कार्यक्रम पर भाजपा का 'आप' पर त... Punjab Agriculture Protest: कृषि और बागवानी अधिकारियों ने खोला मोर्चा, खाली पदों और पे-पैरिटी को लेक... Ludhiana MC News: लुधियाना नगर निगम में नियमों की धज्जियां, मेयर-कमिश्नर के पास दो-दो गाड़ियां Jalandhar Crime: फुटबॉल चौक पर चोरों के हौसले बुलंद, GS Honda शोरूम के पास से बाइक चोरी

Kolkata Case Update: आरजी कर मामले में बड़ी कार्रवाई, विनीत गोयल समेत 3 IPS अधिकारी सस्पेंड

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले में बड़ा एक्शन लिया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर विनीत गोयल, IPS इंदिरा मुखर्जी और IPS अभिषेक गुप्ता शामिल हैं। यह कार्रवाई मुख्य सचिव और गृह सचिव से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

💰 पीड़ित परिवार को पैसे देने का आरोप: रिपोर्ट के आधार पर हुई सख्त कार्रवाई

सीएम शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, कुछ पुलिस अधिकारी पीड़ित परिवार, विशेष रूप से तिलोत्तमा की मां को कथित रूप से पैसे देने पहुंचे थे। सरकार ने इस गंभीर आरोप को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या अनैतिक प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

📂 विभागीय जांच के आदेश: कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की होगी समीक्षा

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहन विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि पीड़ित परिवार चाहे तो सरकारी अधिकारी उनके घर जाकर भी बयान ले सकते हैं। जांच के अगले चरण में फोन कॉल रिकॉर्ड, वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी उच्च स्तर से कोई निर्देश जारी किए गए थे।

⚖️ पीड़िता की मां ने किया फैसले का स्वागत: ‘अब न्याय की उम्मीद जगी है’

तिलोत्तमा की मां ने शुभेंदु सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरी बेटी की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। हर धर्म, जाति और समुदाय के लोगों ने सिर्फ एक ही आवाज उठाई है- हमें न्याय चाहिए।” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब मामले में जल्द और निष्पक्ष न्याय मिल सकेगा।

📢 जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम: शुभेंदु सरकार का कड़ा संदेश

शुभेंदु अधिकारी सरकार के इस फैसले को तिलोत्तमा हत्याकांड में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के निलंबन से इस संदेश को बल मिला है कि सरकार जांच में पारदर्शिता चाहती है। इस फैसले से न केवल मामले की जांच को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि आम जनता और पीड़ित परिवार का व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।