ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश के 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार, TET समकक्ष मान्यता हेत... भोपाल: बारिश से मिट्टी बहने पर नाले तक पहुँचा नवजात का शव, खजूरी सड़क पुलिस ने किया खुलासा रतलाम के सिंदुरकिया हत्याकांड का सनसनीखेज पर्दाफाश: 6 महीने पुरानी रंजिश में दोस्त ने चाकू से किए 14... ग्वालियर में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ा विवाद! कार टकराने के बाद दो पक्षों में चले लाठी-सरिए, एक दर... आवारा कुत्तों और डॉग बाइट पर MP हाईकोर्ट सख्त: सरकार ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट, 14 अगस्त को अगली सुनव... 12 अगस्त को सूर्यग्रहण पर छाया संशय! ज्योतिष आचार्य ने बताया— क्या हरियाली अमावस्या की पूजा-पाठ पर ल... छिंदवाड़ा से CM मोहन यादव करेंगे 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026' का आगाज़, जनवरी 2027 तक लगेंगे... मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: FSL की 20% DNA रिपोर्ट्स की होगी रैंडम जांच, कट-पेस्ट की सफाई... भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने रचा नया इतिहास, FCL कोर्स पूरा करने वाली पहली महिल... हरिद्वार बनाम देवघर कांवड़ यात्रा: क्यों होती है दोनों की तुलना? समझें सामाजिक, भौगोलिक और प्रशासनिक...

Travel News: गर्मी की छुट्टियों के लिए 42 दिन बाद खुला 11,500 फीट ऊंचा [हाईवे का नाम/श्रीनगर-लेह हाईवे

Manali-Leh Highway Open Now: चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने की चाहत रखने वाले पर्यटकों और एडवेंचर के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और दुनिया के सबसे खूबसूरत मार्गों में शुमार 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह हाईवे सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बहाल कर दिया है. भारी बर्फबारी के कारण बंद पड़े इस मार्ग को खोलने के लिए बीआरओ के जवानों ने माइनस डिग्री तापमान और हड्डियों को गला देने वाली ठंड के बीच लगातार 42 दिनों तक कड़ी मशक्कत की.

मंगलवार को बीआरओ के जांबाज जवानों ने 16,040 फीट ऊंचे बारालाचा पास से बर्फ की ऊंची दीवारों को काटकर हाईवे के दोनों छोरों को आपस में मिला दिया. इस मार्ग की बहाली के साथ ही अब मनाली से लेह तक सेना के वाहनों, रसद और पर्यटकों की आवाजाही का रास्ता साफ हो गया है. सड़क बहाली का कार्य पूरा होने की खुशी में सरचू में बीआरओ की ‘दीपक’ और ‘हिमांक’ परियोजना के अधिकारियों ने एक-दूसरे का स्वागत कर ‘गोल्डन हैंडशेक’ सेरेमनी मनाई.

एवलांच और बर्फबारी ने ली कड़ी परीक्षा

मनाली-लेह मार्ग (लेह की समुद्र तल से ऊंचाई 11,500 फीट) को बहाल करना किसी चुनौती से कम नहीं था. इस मार्ग पर मनाली से सरचू तक करीब 26 एवलांच प्वाइंट हैं, जो हर पल जवानों की परीक्षा ले रहे थे. बहाली का कार्य 27 मार्च को शुरू किया गया था. कर्नल गौरव (कमांडर, दीपक परियोजना) ने बताया कि खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण जवानों को 42 दिनों के भीतर 6 बार बैक गियर (पीछे हटना) भी लगाना पड़ा, लेकिन उनके बुलंद हौसलों ने आखिरकार जीत हासिल की.

पर्यटक कब से कर सकेंगे आवाजाही?

सड़क से बर्फ हटाकर मार्ग तो जोड़ दिया गया है, लेकिन पर्यटकों के लिए इसे खोलने में अभी कुछ औपचारिकताओं का समय लगेगा. कर्नल गौरव के अनुसार, बीआरओ अब लाहुल-स्पीति प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा. सड़क की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद, अगले कुछ ही दिनों में वाहनों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी जाएगी.

टूरिज्म और सेना के लिए क्यों है खास?

यह मार्ग सीमा पर तैनात जवानों तक जरूरी रसद और सैन्य साजो-सामान पहुंचाने का मुख्य जरिया है. गर्मी की छुट्टियों में लेह-लद्दाख जाने वाले बाइकर्स और पर्यटकों के लिए यह लाइफलाइन है. मार्ग खुलने से मनाली और लद्दाख के पर्यटन कारोबार में भारी उछाल आने की उम्मीद है. मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच इस मार्ग पर जमी बर्फ के बीच सफर करना सैलानियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं होगा.