ब्रेकिंग
Jharkhand Robotics Festival: झारखंड में तकनीक का जलवा, रोबोटिक्स फेस्टिवल में अपना हुनर दिखाएंगे युव... मॉक ड्रिल नहीं हकीकत! दुश्मन की सीमा में गिरा अमेरिकी पायलट, 48 घंटे के उस खौफनाक ऑपरेशन की पूरी कहा... CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में आसमानी आफत! अगले 24 घंटे भारी बारिश, ओले और बिजली गिरने का ऑरेंज अल... सावधान रेल यात्री! आज बिलासपुर से रायपुर के बीच नहीं चलेंगी ये ट्रेनें, रद्द और डायवर्ट ट्रेनों की प... 20 साल का साथ और आँखों में अंधेरा: बूढ़े 'छोटू' की जंगल में विदाई, रो पड़ीं सबकी आंखें Ambikapur Horror: अंबिकापुर में 'निर्भया' जैसी दरिंदगी से उबला शहर, सड़कों पर उतरी जनता; आरोपियों को... CG vs Telangana: ₹2,000 करोड़ के बिजली बिल पर ठनी! छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के बीच आर-पार की जंग एसीबी की बड़ी कार्रवाई: 26 साल पुराने घोटाले में पूर्व प्रबंधक अरेस्ट, ₹1 करोड़ 86 लाख के गबन का है ... भिलाई में छात्रा का आत्मघाती कदम: सुसाइड नोट में लिखा- 'मम्मी-पापा मुझे माफ करना', स्मृति नगर में भी... Chhattisgarh Mineral Revenue: छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग! खनिज राजस्व में रचा इतिहास, 2025-26 में हुई 1...

CG vs Telangana: ₹2,000 करोड़ के बिजली बिल पर ठनी! छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के बीच आर-पार की जंग

रायपुर। 2,000 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल को लेकर चल रहे विवाद में अब तेलंगाना ने बैठक स्थल को लेकर पेंच फंसा दिया है। सात साल पुराने वित्तीय गतिरोध को सुलझाने के लिए दोनों राज्य बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तय नहीं हो पा रहा कि वार्ता रायपुर में होगी या हैदराबाद में।बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में राज्य बिजली कंपनी ने तेलंगाना सरकार से 1,000 मेगावाट बिजली आपूर्ति का समझौता किया था। प्रारंभ में बिल का भुगतान किया गया, लेकिन बाद में तेलंगाना ने भुगतान करना बंद कर दिया।

2,000 करोड़ रुपये अब भी बकाया

बकाया राशि धीरे-धीरे 3,600 करोड़ तक पहुंच गई। हालांकि, तेलंगाना सरकार ने किश्तों में 1,600 करोड़ का भुगतान किया, बावजूद 2,000 करोड़ रुपये अब भी बकाया है। तेलंगाना सरकार इस बकाया को मानने से इन्कार कर रही है। भुगतान नहीं होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ ने बिजली आपूर्ति पहले ही रोक दी है।

न्यायिक आयोग मामले की जांच कर रहा है

भ्रष्टाचार के आरोपों का साया मामला केवल वित्तीय नहीं, बल्कि राजनीतिक भी है। तेलंगाना की वर्तमान रेवंत रेड्डी सरकार ने पूर्ववर्ती केसीआर सरकार पर छत्तीसगढ़ से महंगी दर पर बिजली खरीदने और 1,300 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। न्यायिक आयोग मामले की जांच कर रहा है।