ब्रेकिंग
MP Government Holiday: 30 मार्च को मध्य प्रदेश में नहीं खुलेंगे सरकारी ऑफिस, CM मोहन यादव का आदेश Mandla News: मंडला में पानी के लिए हाहाकार, पार्षद ने खुद उठाई कुदाली, नगर परिषद की लापरवाही उजागर MP Wildlife News: खिवनी में बाघिन 'मीरा' और शावकों का दिखा अद्भुत नजारा, पर्यटकों के सामने आया 'युवर... 'मन की बात' में PM मोदी की बड़ी अपील: दुनिया में पेट्रोल-डीजल का हाहाकार, अफवाहों पर ध्यान न दें देश... IPL में विराट के 8730 रनों का पोस्टमार्टम: उम्र बढ़ने के साथ गेंदबाजों के लिए और बड़ा खौफ बन रहे हैं... Mahakali Movie Update: अक्षय खन्ना की फिल्म 'महाकाली' में होगा बड़ा कैमियो, रणवीर सिंह ने तोड़ा था इ... America Protest News: अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ 'No Kings Protest' का असर, जानें इसके मायने Gold Price Crash: औंधे मुंह गिरा सोना! 20% की गिरावट के साथ बेयर मार्केट में एंट्री, निवेशकों में मच... Fridge Tips in Hindi: फ्रिज में खाना रखने का सही तरीका जानें, इन गलतियों से बढ़ता है बिजली का बिल Vastu Tips For Buying Property: मकान या फ्लैट खरीदने में आ रही है अड़चन? वास्तु के अनुसार इस दिशा मे...

Gold Price Crash: औंधे मुंह गिरा सोना! 20% की गिरावट के साथ बेयर मार्केट में एंट्री, निवेशकों में मची खलबली

2026 की शुरुआत में सोने ने शानदार तेजी दिखाई थी, लेकिन अब उसकी रफ्तार टूटती दिख रही है. साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई $5,602 तक पहुंचने के बाद सोना गिरकर करीब $4,495 पर आ गया है, यानी करीब 20% की गिरावट जिसे आम भाषा में बेयर मार्केट कहा जाता है.

तेजी के बाद गिरावट का सिलसिला

सोने में यह तेजी अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी. उस समय करीब $1,500 से बढ़कर जनवरी 2026 तक यह 275% उछल गया. लेकिन अब इसमें करेक्शन शुरू हो चुका है और बाजार में दबाव बना हुआ है.

इतिहास क्या कहता है

इतिहास बताता है कि सोने में बड़ी तेजी के बाद तेज गिरावट आना नई बात नहीं है. Mark Twain की मशहूर लाइन है इतिहास खुद को दोहराता नहीं, लेकिन मिलता-जुलता जरूर होता है.

  • 1974-76: सोना 353% चढ़ा, फिर 43% गिर गया
  • 1980s: 541% उछाल के बाद 52% की गिरावट
  • 2011-2015: लंबी तेजी के बाद 42% की गिरावट

2026 में कितना गिर सकता है सोना?

अगर इतिहास जैसा ट्रेंड दोहराया जाए, तो सोना अपने पीक से 50% तक गिर सकता है. ऐसे में कीमतें $2,800$3,000 के आसपास आ सकती हैं. हालांकि कई एक्सपर्ट $3,600 के स्तर को अहम मान रहे हैं.

अभी क्यों दबाव में है सोना

ईरान युद्ध के बाद तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और महंगाई बढ़ी. ऐसे में ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं. चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची दरों और मजबूत डॉलर के समय इसकी मांग कम हो जाती है.

लंबी अवधि में उम्मीद बरकरार

हालांकि शॉर्ट टर्म में गिरावट है, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबे समय में सोना फिर से मजबूत हो सकता है. भू-राजनीतिक तनाव और सेंट्रल बैंकों की खरीद इसे सपोर्ट दे सकती है.

निवेशकों के लिए सलाह

सोने में शॉर्ट टर्म के लिए निवेश जोखिम भरा हो सकता है. बेहतर है कि इसे पोर्टफोलियो का 10-15% ही रखें और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें.