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Middle East Crisis Update: हूतियों का बड़ा ऐलान: होर्मुज के बाद बंद होगा एक और समुद्री रास्ता, वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा खतरा

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का दायरा और बड़ा होता नजर आ रहा है. इजराइली सेना ने आज सुबह बताया कि उसने यमन से दागी गई एक मिसाइल की पहचान की है. युद्ध शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब यमन से कोई मिसाइल दागी गई है. यमन के हूती लड़ाकों ने गाजा युद्ध के दौरान हमास और फिलिस्तीन के लोगों के समर्थन में लाल सागर पर इजराइली और अमेरिकी जहाजों की एंट्री बैन कर दी थी.

यह मिसाइल तब दागी गई, जब एक दिन पहले ही ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने कहा था कि अगर ईरान और एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है तो वे भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनकी यह दखलंदाजी किस रूप में होगी. खबरों के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने इजराइल के परमाणु स्थल डिमोना पर बैलिस्टिक दागी है.

बड़ सकता है टकराव

हूती विद्रोहियों के इस युद्ध में शामिल होने से पूरे क्षेत्र में एक बड़े टकराव की आशंका बढ़ गई है. यह आशंका इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि हूती विद्रोहियों में यमन की सीमाओं से काफी दूर स्थित ठिकानों पर हमला करने और अरब सागर और लाल सागर के आस-पास के समुद्री मार्गों को बाधित करने की क्षमता है. 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमले के बाद, गाजा में हमास के समर्थन में उन्होंने ऐसा पहले भी किया था.

होर्मुज के बाद बंद होगी दुनिया की एक और शिपिंग लाइन

लेबनान और इराक में मौजूद ईरान के शिया सहयोगी पहले ही इस क्षेत्रीय युद्ध में शामिल हो चुके हैं. अब हूती के दखल के बाद बाब अल-मंदेब (Bab el-Mandeb) के बंद होने की आशंका है. बाब अल-मंजेब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक है. इसे यह यमन (अरब प्रायद्वीप) और जिबूती/इरिट्रिया (अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका) के बीच स्थित है.

यह रेड सी को अदन की खाड़ी और भारतीय महासागर से जोड़ता है. यह स्वेज नहर तक पहुंचने का एकमात्र समुद्री रास्ता है और दुनिया का लगभग 10-15 फीसद समुद्री व्यापार इसी रूट से होता है. होर्मुज पर पहले ही ईरान ने बैन लगा दिया है, अगर हूती इसे भी बंद कर देते हैं, तो दुनिया में एक बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो सकता है.