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Animal Attack in Residential Area: रिहायशी इलाके में घुसे हिरण पर कुत्तों का हमला, 30 मिनट तक चला संघर्ष; स्थानीय लोगों ने ऐसे बचाई जान

छतरपुर : लगातार जगंलों की कटाई के चलते जंगली जानवर शहर की ओर आने लगे हैं. कई बार जंगली जानवर भटक कर रिहायशी क्षेत्र में घुस जाते हैं. छतरपुर के बाजना वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत शाहगढ़ में सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में घुस आया. जैसे ही हिरण शाहगढ़ गांव में दाखिल हुआ, इसी दौरान कुत्तों के झुंड ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया.

ग्रामीणों ने हिरण की जान बचाई

हिरण को कुत्तों से घिरा और घायल होता देख वहां मौजूद बच्चों ने शोर मचाया और उसे बचाने की कोशिश की. इस दौरान हिरण ने भी कुत्तों से आधे घंटे तक संघर्ष किया. हिरण को मुसीबत में देख ग्रामीणों ने कुत्तों के झुंड को खदेड़ा और हिरण को सुरक्षित निकाला. इसके बाद लोगों ने हिरण को सकुशल वन क्षेत्र के केरखोरा स्थान पर ले जाकर वापस जंगल में छोड़ दिया. ग्रामीणों ने तत्काल डिप्टी रेंजर गेहरू प्रजापति और वनरक्षक मनीष पटेल को जानकारी दी.

वन विभाग की टीम 2 घंटे बाद पहुंची

सूचना के बाद भी वन विभाग का अमला करीब 2 घंटे की देरी से मौके पर पहुंचा, उससे पहले ही ग्रामीणों ने हिरण को जंगल मे छोड़ दिया था. शाहगढ़ के रहने वाले मिंटू दुबे ने बताया “करीब दो साल पहले भी बाजना वन परिक्षेत्र में शिकारियों द्वारा हिरण के शिकार का मामला सामने आया था. उस समय भी वन परिक्षेत्र अधिकारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी.”

ग्रामीण हीरा लाल का कहना है “यदि वनों की कटाई पर लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं ओर बढ़ सकती हैं. इस मामले में बाजना रेंजर रजत तोमर ने बताया “जानवर कहीं भी पहुंच सकते हैं. डिप्टी रेंजर को निर्देश दिए थे कि मौके पर तुरंत पहुंचें.”